मुरादाबाद, जेएनएन। नाले, पुलिया और सड़कें जानलेवा साबित हो रहे हैं। 12 दिन पहले नेता कालोनी में 55 वर्षीय व्यक्ति की जर्जर पुलिया टूटने से ई रिक्शा नाले में पलट गया था। जिससे कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। ठीक 12वें दिन छह साल का मासूम करूला स्थित लालनगरी के नाले में गिरकर मर गया। अवैध रूप से झुग्गी झोपड़ी डालकर सड़क पर गुजर करने वालों का यह बच्चा खेलते हुए नाले में गिरा। बारिश के कारण यह खुला हुआ नाला पानी से भरा हुआ चल रहा था। इस हादसे का जिम्मेदार आखिर कौन है?, नगर निगम अफसर बच्चों का ध्यान न रखने पर लापरवाही पीड़ित परिवार की मान रहे हैं।

आधे शहर का पानी इस नाले में आता है। करीब 12 किमी लंबा यह नाला खुला हुआ है। दोपहर करीब दो बजे हादसा हुआ है। जिसकी सफाई का दावा नगर निगम अफसर कर रहे हैं। इस हादसे की नगर निगम के अफसरों को सूचना तक नहीं। एक साल में यह चौथा हादसा हुआ है। जुलाई के महीने में एक युवा व्यापारी सांड़ से टकरा गया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। पांच महीने पहले फरवरी में ताड़ीखाना चौक पर टूटी पुलिया में गिरकर भी युवा व्यापारी की मौत हो गई थी। इन मौतों का जिम्मेदार कौन है। इस हादसे के बाद सड़क किनारे अवैध रूप से झुग्गी झोपड़ी डालकर रहने वाले डरे सहमे हुए हैं। उन्हें डर है कि कहीं सड़क से उनकी झुग्गी झोपड़ी न हटा दी जाएं। सूचना पाकर शाम को क्षेत्र के पार्षद नसीम पाशा भी मौके पर पहुंचे लेकिन, नाम बताने से कतराते रहे। पार्षद ने कहा भी कि आर्थिक मदद कराई जा सकती है लेकिन, फिर भी मृत बच्चे और न मां-बाप का नाम बताने को कोई तैयार हुआ।

बारिश में बच्चों का रखें ध्यान

बारिश में छोटे बच्चों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। वरना नगर निगम की लापरवाही का नतीजा भुगतना पड़ सकता है। बारिश में नाले फुल चल रहे हैं तो वहीं सड़कें भी जलमग्न हैं। घर के दरवाजे पर भी बच्चों को खड़े रहने देना खतरे से खाली नहीं है। पाश कालोनी में कोठियों के आगे दो फीट पानी भर जाता है। तहसील स्कूल रोड पर भी दो फीट से अधिक पानी भरता है। इससे अपने बच्चों की सुरक्षा खुद करना भी जरूरी है। 

यह हादसा दर्दनाक है। सड़क किनारे झुग्गी वालों को खुद भी अपने बच्चों की सुरक्षा करनी चाहिए। चौड़े नालों को ढकना मुमकिन नहीं है। फिर इस हादसे की जांच कराई जाएगी।

अनिल कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त

 

Edited By: Narendra Kumar