मुरादाबाद: किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के 2 दोषियों को आजीवन कारावास, 3 साक्ष्य के अभाव में बरी
मुरादाबाद में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने शमशीर उर्फ जफर और अतीकुर्रहमान को आजीवन कारावास की ...और पढ़ें

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HighLights
कई दिनों तक आरोपितों ने घर में किशोरी को बनाए रखा था बंधक
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। कटघर क्षेत्र में किशोरी का अपहरण कर कई दिनों तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने वाले शमशीर उर्फ जफर व अतीकुर्रहमान को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि तीन आरोपितों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश एससी-एसटी अधिनियम अंजना की अदालत में चली।
कटघर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति की नाबालिग बेटी 13 नवंबर 2007 को अचानक लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद जब बेटी का कोई सुराग नहीं मिला तो पीड़ित पिता ने 16 नवंबर 2007 को गांव के ही शमशीर उर्फ जफर, अतीकुर्रहमान, उसमान, कश्मीर और अब्दुल सलाम के खिलाफ अपहरण की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
जांच के दौरान पता लगा कि गांव का ही रहने वाला शमशीर नाम का व्यक्ति अपने साथियों के साथ मिलकर किशोरी का अपहरण करके ले गया है। किशोरी को पहले उसकी एक सहेली फोन करके अपने घर पर बुलाया।
उसके बाद वहां पर शमशीर अपने साथियों के साथ पहुंचा और किशोरी का अपहरण कर ले गया था। कई दिनों तक किशोरी को बंधक बनाकर उसके साथ तमंचे के बल पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था।
बाद में पुलिस ने किशोरी को बरामद कर पांचों आरोपितों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। आरोपित की निशानदेही पर घर में छिपाकर रखा गया 12 बोर का तमंचा बरामद किया गया था।
इस बरामदगी के संबंध में भी आयुध अधिनियम के तहत अलग मुकदमा दर्ज किया गया। दोनों मामलों का एक ही घटनाक्रम से संबंधित होने के कारण एक साथ विचारण किया गया। मामले की सुनवाई न्यायाधीश एससी-एसटी अधिनियम अंजना की अदालत में हुई।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आनंदपाल सिंह ने बताया कि कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शुक्रवार को आरोपित शमशीर उर्फ जफर और अतीकुर्रहमान को अपहरण, नाबालिग को विवाह के लिए विवश करने के उद्देश्य से ले जाने, उसे छिपाने, सामूहिक दुष्कर्म और अन्य संबंधित अपराधों में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनते हुए दोनों पर 67-67 हजार का जुर्माना लगाया है। वहीं कोर्ट ने आरोपित उस्मान, कश्मीर और अब्दुल सलाम को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
