मुरादाबाद: मिड-डे मील की फोटो अपलोड करने में शहर से गांव तक सुस्ती, 1519 में से सिर्फ 279 स्कूलों से आई रिपोर्ट
मुरादाबाद जिले में मिड-डे मील की गुणवत्ता निगरानी के लिए फोटो अपलोड करने की प्रक्रिया धीमी है। 1519 विद्यालयों में ...और पढ़ें

ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय में मिड डे मील खाते बच्चे। सौ.वि
HighLights
भगतपुर में 173 में से तीन और मूंढापांडे में एक भी विद्यालय से नहीं आई रिपोर्ट
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की निगरानी के लिए शासन ने थाली और भोजन करते बच्चों की फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जिले में इस व्यवस्था की रफ्तार बेहद धीमी है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अधिक चिंताजनक है।
जिले में पीएम पोषण योजना के तहत भोजन करने वाले 1,519 विद्यालयों में से अब तक केवल 279 विद्यालयों से ही रिपोर्ट मिली है। कई ब्लाकों में अधिकांश विद्यालयों से फोटो अपलोड होने की सूचना नहीं मिल सकी है। मूंढापांडे में 171 विद्यालयों में से सात से ही रिपोर्ट आई है, जबकि मुरादाबाद ग्रामीण में भी 20 विद्यालयों से रिपोर्ट मिली है।
मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण ने 12 अक्टूबर को जारी निर्देश में विद्यालयों को डिजिटल रजिस्टर के अंतर्गत मध्यान्ह भोजन पंजिका एप पर भोजन की थाली और पंक्तिबद्ध होकर भोजन करते विद्यार्थियों की अलग-अलग फोटो अपलोड करने को कहा है।
इसके लिए अधिकतम पांच फोटो अपलोड करने की व्यवस्था की गई है। बीएसए अमित सिंह के अनुसार कुछ दिनों में सभी विद्यालयों में फोटो अपलोड करने की व्यवस्था पूरी करा ली जाएगी।
वर्तमान में कुछ विद्यालयों से फोटो अपलोड नहीं हो पा रही हैं। उन्हें भी जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाएंगे। को खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सभी विद्यालयों में निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए कहा गया है।
कई ब्लाकों में बेहद कम विद्यालयों से रिपोर्ट
ब्लाकवार आंकड़ों पर गौर करें तो भगतपुर में 173 में से 42, बिलारी में 208 में से 34, छजलैट में 174 में से 30 और डिलारी में 188 में से 52 विद्यालयों से रिपोर्ट मिली है। कुंदरकी में 199 में से 38 और मूंढापांडे में 171 में से सात विद्यालय से रिपोर्ट आई है।
ठाकुरद्वारा में 177 में से 32 तथा मुरादाबाद ग्रामीण में 114 में से 20 विद्यालयों से रिपोर्ट मिली है। शहर क्षेत्र में भी स्थिति बहुत बेहतर नहीं है। यहां बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कुल 114 विद्यालयों में से केवल 24 विद्यालयों से रिपोर्ट आई है।
