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मुरादाबाद के स्कूलों में बंद होने वाला था NGO का खाना, 4 महीने बाद विभाग ने अचानक बदला फैसला

Published: Wed, 21 Oct 2026 04:53 PM (IST)

मुरादाबाद के परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था बदलने की योजना चार महीने बाद भी लागू नहीं हो सकी है। ...और पढ़ें

नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय में मिड डे मील खाती छात्राएं। जागरण आर्काइव

नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय में मिड डे मील खाती छात्राएं। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. विभागीय स्तर पर चल रही पुरानी व्यवस्था को लागू करने की तैयारी

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) व्यवस्था बदलने की योजना चार महीने बाद भी लागू नहीं हो सकी है। विभागीय स्तर पर स्कूलों में व्यवस्थाएं कराने के निर्देशों के बाद भी परिसर में भोजन पकाने की सुविधा नहीं बन सकी। ऐसे में चार माह से पुरानी व्यवस्था से बांटा जा रहा भोजन और नई व्यवस्था क्या होगी इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिनपर विराम लगाने के लिए विभाग पुरानी व्यवस्था को जारी रखने की तैयारी में है।

जिले के 1409 विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1.70 लाख विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन में हर दिन मैन्यू के आधार पर खिलाने की सुविधा है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में भोजन परिसर में पका कर दिया जाता है लेकिन नगर में संस्थाओं की ओर से बांटा जाता है।

नगर क्षेत्र में दिसंबर माह में बांटे जा रहे भोजन में बीते वर्ष कई खांमियां मिली थी, यहां तक कि भोजन बांटने वाली संस्थाओं की ओर से बांटे जा रहे भोजन को साधारण ओमिनी वैन से विद्यालयों तक पहुंचाया जा रहा था।

इसमें पालीथीन में रोटी लिपट कर प्लास्टिक के केन आदि में खाना विद्यालयों तक पहुंचाया जा रहा था। इस पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज सिंह ने बच्चों की सेहत को लेकर लापरवाही देखते हुए विद्यालय स्तर पर ही भोजन बनाने के निर्देश दिए थे।

इसके लिए पहले नए सत्र से ही व्यवस्था को लागू करने को कहा था लेकिन, विभागीय अफसरों ने व्यवस्था नहीं हो पाने का हवाला दिया था। इसके बाद जून में एनजीओ के माध्यम से पका-पकाया भोजन वितरण बंद कर विद्यालय स्तर पर ही भोजन बनाने के निर्देश दिए गए थे।

तैयारियां अधूरी होने के कारण संबंधित क्षेत्रों में एनजीओ से भोजन वितरण जारी रखने की अनुमति केवल एक माह के लिए दी गई थी। इसके बावजूद अक्टूबर में भी विद्यालयों में एनजीओ के माध्यम से ही भोजन वितरित किया जा रहा है।

ये विद्यालय कर चुके थे तैयारी

विद्यालय में भोजन बनाने के लिए नगर पंचायत कांठ, नगर पंचायत कुंदरकी, महमूदपुर माफी, नगर पालिका परिषद ठाकुरद्वारा और नगर पंचायत भोजपुर में स्कूल स्तर पर भोजन बनाने की तैयारी पूरी होने की जानकारी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों ने दी थी।

वहीं, शेष क्षेत्रों में रसोइयों की उपलब्धता नहीं होने, खाद्यान्न और गैस कनेक्शन की व्यवस्था अधूरी होने के कारण एनजीओ से भोजन वितरण जारी रखने की संस्तुति की गई थी। इस पर जिलाधिकारी ने 15 जून को इन क्षेत्रों में एक माह तक एनजीओ के माध्यम से भोजन वितरण की अनुमति दी थी।

 

स्कूलों में इंतजाम नहीं हो पाने के कारण इसे संस्थाओं के स्तर से ही बांटने की तैयारी की जा रही है। जैम पोर्टल के माध्यम से संस्थाओंं का चयन किया जा रहा है।

- अमित सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी

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