बिंदिया और बिछिया पहनकर पहुंची दुल्हन तो रोक दी शादी, हंगामे के बाद खुला करवाचौथ का हैरान करने वाला सच
मुरादाबाद के पीपलसाना में सामूहिक विवाह समारोह में एक दुल्हन की बिंदिया और बिछिया देखकर शादी की रस्में रोक दी ...और पढ़ें

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HighLights
सामूहिक विवाह समारोह में कुछ देर के लिए रोकी गईं रस्में
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। सरकारी मंडप में शादी की रस्में चल रही थीं, तभी एक दुल्हन की बिंदिया और पैरों में बिछिया देखकर कर्मचारियों ने सवाल उठा दिए। कुछ देर को विवाह की रस्में रुकवा दी गईं। कर्मचारियों ने दुल्हन के पहले से विवाहित होने की आशंका जताते हुए आपत्ति की। इस पर दोनों पक्षों के लोग नाराज हो गए और मंडप में हंगामा होने लगा।
बाद में आयोजकों ने विभागीय औपचारिकताएं पूरी कराकर विवाह की रस्में संपन्न करा दीं। मामला भगतपुर टांडा ब्लाक की ग्राम पंचायत पीपलसाना की युवती राखी चंद्रा का है। उसका विवाह रामपुर के चमरौआ निवासी राहुल कुमार के साथ कराया गया।
इस घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पात्रों के चयन और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, सात अक्टूबर को खंड विकास अधिकारी भगतपुर टांडा ने ग्राम पंचायत सचिवों को योजना के लंबित आवेदनों का तीन दिन के भीतर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए थे।
आदेश में स्पष्ट था कि आवेदिका का पूर्व में विवाह न हुआ हो। उसकी आयु 18 वर्ष या अधिक और वर की आयु 21 वर्ष या अधिक होनी चाहिए। इसके साथ ही बैंक खाते की पुष्टि और पड़ोसियों से पूछताछ कर सत्यापन रिपोर्ट तैयार करनी थी।
पीपलसाना की राखी चंद्रा का आवेदन भी सत्यापन के लिए आया था। ग्राम पंचायत सचिव शादाब अली ने बताया कि उन्होंने 20 अक्टूबर को सभी आवेदन कार्यालय में जमा करा दिए थे।
इसके बाद एडीओ पंचायत और एडीओ समाज कल्याण स्तर से भी सत्यापन कराया गया। 21 अक्टूबर को सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो गई थी। उस समय विवाह समारोह की तारीख 26 अक्टूबर निर्धारित थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 30 अक्टूबर कर दिया गया।
इसी बीत करवाचौथ का त्योहार आ गया।दुल्हन ने वृत रखा। वह अगले दिन समारोह में दुल्हन की तरह बिंदिया और बिछिया पहनकर पहुंच गईं। यह देखकर कर्मचारियों ने आपत्ति जताई तो युवती के विवाह को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई।
ग्राम पंचायत सचिव शादाब अली और एडीओ पंचायत मनोज कुमार सिंह ने बताया कि करवाचौथ के कारण युवती ने बिंदिया लगाई थी और बिछिया पहनी थी।
उनका कहना है कि आवेदन का नियमानुसार सत्यापन पहले ही किया जा चुका था। नोडल अधिकारी डीसी मनरेगा आरपी भगत ने बताया कि राखी पात्र लाभार्थी थी, इसलिए उसे योजना का लाभ दे दिया गया।
पिछले साल भी उठे थे सवाल
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पात्रों के चयन को लेकर पिछले वर्ष भी मूंढापांडे ब्लाक में विवाद हुआ था। उस समय अपात्रों के चयन और विवाह सामग्री वितरण में अनियमितता के आरोप लगे थे।
प्रकरण में ग्राम पंचायत स्तर से लेकर विभागीय अधिकारियों तक पर कार्रवाई हुई थी। एडीओ समाज कल्याण प्रशांत कुमार निलंबित चल रहे हैं। योजना के लिपिक पर भी कार्रवाई हो चुकी है।
अब पीपलसाना के प्रकरण ने एक बार फिर सत्यापन की कई स्तरीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब ग्राम पंचायत सचिव से लेकर विभागीय अधिकारियों तक ने आवेदन का सत्यापन किया तो समारोह में पहुंचने के बाद ही आपत्ति क्यों उठी?
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