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Facebook पर वीडियो डालना पड़ा भारी: Meta अलर्ट से पकड़ा गया युवक, बच्ची के साथ गलत हरकत की वीडियो पर दर्ज हुई FIR

Published: Mon, 21 Sep 2026 05:00 PM (IST)

मेटा अलर्ट के माध्यम से मुरादाबाद पुलिस ने एक व्यक्ति को बच्ची के साथ गलत हरकत की वीडियो पोस्ट करने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. दस दिन पहले मेटा अलर्ट के माध्यम से एसपी क्राइम के कार्यालय को मिली थी वीडियो

  2. पुलिस वीडियो में दिख रही महिला और बच्ची की पहचान करने में जुटी

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मेटा की साइबर टिपलाइन से मिली दो मिनट की वीडियो में महिला द्वारा बच्ची के साथ की जा रही पूरी हरकत कैद है। दस दिन पहले एसपी क्राइम कार्यालय को मिली वीडियो की साइबर क्राइम पुलिस ने जांच की। जांच के दौरान पुलिस महिला और बच्ची को तो चिह्नित नहीं कर पाई, लेकिन इस वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने वाले आरोपित का पता लगा लिया।

पुलिस ने वीडियो पोस्ट करने वाले आरोपित का पता लगाने के लिए सेवा प्रदाता कंपनी से मोबाइल नंबर की सीएएफ (कस्टमर एप्लीकेशन फार्म) रिपोर्ट मांगी गई। रिपोर्ट में मोबाइल नंबर भोजपुर के मोहल्ला फतेहपुरी निवासी नदीम का आया।

इसके बाद भोजपुर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ आइटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मों पर बाल यौन शोषण से जुड़े कंटेंट पर कार्रवाई की व्यवस्था के बीच मेटा से मिले अलर्ट दस दिन पहले मुरादाबाद जिले की पुलिस को एक वीडियो मिली।

वीडियो में दिख रहा था कि एक महिला बच्ची के साथ गलत हरकत कर रही है। एसएसपी ने इस वीडियो को जांच के लिए साइबर क्राइम पुलिस को दे दिया। पुलिस ने जांच शुरू की। जिले के सभी थाना पुलिस को वीडियो से महिला का फोटो काटकर भेजा गया।

जिससे थाना पुलिस महिला की पहचान कर सके, लेकिन छह दिन के प्रयास के बाद भी पुलिस महिला की पहचान नहीं कर पाई। ऐसे में पुलिस ने उस वीडियो को फेसबुक पर पोस्ट करने वाले व्यक्ति का पता निकाला।

पुलिस ने सेवा प्रदाता कंपनी से मोबाइल नंबर की सीएएफ से रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में सामने आया कि करीब एक 15 दिन पहले इस वीडियो को भोजपुर के मुहल्ला फतेहपुरी निवासी नदीम ने पोस्ट किया था।

वीडियो पोस्ट करने वाले व्यक्ति का नाम सामने आने के बाद एसपी क्राइम कार्यालय से उस वीडियो को पेन ड्राइव में करके भोजपुर पुलिस को सौंप दी। जिसने वीडियो पोस्ट की उसका नाम और पता भी बता दिया।

पुलिस ने आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया कि आरोपित को सोमवार को पूछताछ के लिए थाने बुलाया जाएगा। उससे पता किया जाएगा कि उसके पास यह वीडियो कहा से आई और महिला कौन है। आरोपित से पूछताछ के बाद महिला का नाम मिल सकता है।

क्या है मेटा अलर्ट व साइबर टिपलाइन और सीएएफ

अगर कोई व्यक्ति इंटरनेट मीडिया पर खुदकुशी करने जैसी पोस्ट करता है तो मेटा अलर्ट के माध्यम से इसकी जानकारी पुलिस तक पहुंच जाती है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति बाल यौन शोषण जैसी वीडियो इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करता है तो मेटा अलर्ट उस वीडियो को पुलिस तक पहुंचा देता है।

साइबर टिपलाइन के जरिये इंटरनेट मीडिया पर बाल यौन शोषण और बच्चों के आनलाइन दुर्व्यवहार से संबंधित सामग्री की जानकारी जांच एजेंसियों तक पहुंचाई जाती है। पुलिस इस सूचना के आधार पर संबंधित कंटेंट, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करती है।

सीएएफ यानी कस्टमर एप्लीकेशन फार्म वह दस्तावेज है, जो मोबाइल कनेक्शन लेते समय ग्राहक की ओर से उपलब्ध कराया जाता है। इसमें ग्राहक का नाम, पता और अन्य विवरण दर्ज होते हैं। पुलिस ने इसी रिकार्ड के आधार पर वीडियो शेयर करने में इस्तेमाल मोबाइल नंबर के उपभोक्ता की पहचान हो जाती है।

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