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15 साल बाद मैनाठेर कांड में इंसाफ की घड़ी: 16 दोषियों के बाद अब इन 6 नाबालिगों की बारी

Published: Wed, 25 Mar 2026 04:01 AM (IST)

मुरादाबाद के मैनाठेर में 2011 के बवाल मामले में 15 साल बाद न्याय की घड़ी आई है। एडीजे-2 कोर्ट ने ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

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HighLights

  1. सुनवाई के दौरान पेश न होने पर दो आरोपितों के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट, तलाश जारी

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मैनाठेर के गांव असालतनगर बघा में छेड़छाड़ के आरोपित के घर दबिश देने के बाद छह जुलाई, 2011 को हुए बवाल में छह आरोपितों के खिलाफ किशोर न्यायालय में चल रही सुनवाई भी अंतिम दौर में है। अदालत जल्द फैसला सुना सकती है। दो आरोपित सुनवाई के दौरान पेश नहीं हो रहे हैं उनके खिलाफ मैनाठेर पुलिस ने कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी कराए है।

वहीं एडीजे-दो कृष्ण कुमार की अदालत ने सोमवार को 16 उपद्रवियों को दोषी करार दिया था। फरार एक दोषी रिजवान ने अदालत में जाकर सरेंडर कर दिया। अब पुलिस दोषी फिरोज की तलाश में जुटी है। उधर फैसला आने के बाद से उन गांवों में खुशी की लहर जिन गांवों में छह जुलाई को उपद्रवियों ने घुसकर बवाल किया था।

गांव में युवती से छेडखानी के आरोपित के घर पुलिस टीम छह जुलाई, 2011 को दबिश देने गई थी। तभी पुलिस पर महिलाओं ने कुरान का अपमान करने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया था। पूरे गांव की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद गांव के लोगों की भीड़ डींगरपुर के पाकबड़ा तिराहे पर पहुंची और संभल-मुरादाबाद मार्ग पर जाम लगाकर बवाल शुरू कर दिया।

लोग पुलिस से भिड़ गए और पथराव कर दिया था। फायरिंग भी हुई। हालात नियंत्रित करने गए तत्कालीन डीआइजी अशोक कुमार, डीएम राजशेखर को भीड़ ने घेर लिया। खुद को चौतरफा फंसा देख डीएम टीम संग बमुश्किल निकल गए। वहीं, डीआइजी अपने स्टाफ संग घिर गए। उपद्रवियों ने डीआइजी व पुलिसकर्मियों को निशाना बना लिया था।

जान बचाने के लिए डीआइजी पेट्रोल पंप के एक कमरे में घुसे थे। भीड़ दरवाजा तोड़कर डीआइजी को बाहर निकाल लिया था। उनकी पिटाई शुरू कर दी। पिस्टल निकालकर डीआइजी अशोक कुमार से हवाई फायरिंग करना चाही, लेकिन भीड़ ने सरकारी असलहा लूट लिया।

बेसुध होने पर उन्हें मरा समझकर चले गए थे। उपद्रव में पुलिस ने डीआइजी के पीआरओ रवि कुमार की शिकायती पर 33 आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान तीन आरोपितों की मौत हो गई। जबकि एडीजे दो की अदालत ने सोमवार को 16 को दोषी करार दिया था।

साथ ही छह आरोपित नाबालिग होने के चलते उनकी सुनवाई किशोर न्यायालय में चल रही है। पुलिस के अनुसार किशोर न्यायालय में सुनवाई अंतिम दौर में पहुंच गई है। इस मामले में भी जल्द फैसला आ सकता है, लेकिन दो आरोपित नोटिस के बाद भी सुनवाई के दौरान अदालत में पेश नहीं हो रहे हैं।

ऐसे में मंगलवार को मैनाठेर पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी कराए है। अब पुलिस दोनों की तलाश में जुट गई है। वही फरार दोषी रिजवान ने मंगलवार को अधिवक्ता के माध्यम से सरेंडर कर दिया है। जबकि दूसरे दोषी फिरोज की तलाश में पुलिस लगी है।

 

किशोर न्यायालय में चल रहे दो आरोपित सुनवाई के दौरान पेश नहीं हो रहे हैं। दोनों के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी कराए है। पुलिस टीम उनकी तलाश में लगी है।

- किरनपाल सिंह, इंस्पेक्टर मैनाठेर


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