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मुरादाबाद में तेंदुए का तांडव: विरमो देवी की जान लेने के बाद फिर मंडराया खतरा, यूनिवर्सिटी के पास से कुत्ते को ले गया

Published: Wed, 19 Aug 2026 08:24 PM (IST)

मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में तेंदुए का आतंक जारी है, जिसने विरमो देवी की जान ले ली और अब फिर आबादी ...और पढ़ें

HighLights

  1. पकड़े गए दो तेंदुए रेस्क्यू सेंटर भेजे, आगरा से एसओएस टीम भी पहुंची

संवाद सहयोगी, ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। रामगंगा के खादर क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। बलिया गांव में महिला विरमो देवी की जान लेने के बाद बुधवार शाम तेंदुआ एक बार फिर उसके घर के पास जंगल में दिखाई दिया। आबादी के बेहद करीब तेंदुए की मौजूदगी ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया। लोगों में दहशत के साथ वन विभाग के खिलाफ आक्रोश भी बढ़ा है।

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ लगातार आबादी और रास्तों के आसपास घूम रहा है, लेकिन उसे पकड़ने के इंतजाम उसके आतंक के सामने नाकाफी साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों के आक्रोश को देख एहतियात के तौर पर गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है।

इधर, निर्माणाधीन गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के पास से तेंदुआ पालतू कुत्ते को उठा ले गया। उसके पग चिह्न भी मिले हैं। वन संरक्षक आदर्श कुमार ने बताया कि पकड़े गए तीन तेंदुओं में से दो को अनुमति मिलने पर कानपुर और लखनऊ के रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। तीसरे तेंदुए को भी अनुमति मिलते ही संरक्षित स्थान पर भेजा जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए ने बुधवार को शरीफनगर-मदारपुर मार्ग पर भी बाइक सवारों के सामने आकर दहशत फैला दी। अचानक सड़क पर तेंदुआ देखकर बाइक सवारों के होश उड़ गए। किसी तरह उन्होंने वहां से निकलकर जान बचाई। मदारपुर से तेंदुए द्वारा बंदर और कुत्ते को उठाकर ले गया।

तेंदुए के हमले में विरमो देवी की मौत के बाद मंगलवार को ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। महिला का शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। पुलिस के पहरे में विरमो देवी का अंतिम संस्कार रामगंगा किनारे कर दिया गया। क्षेत्र में निगरानी के लिए पीएसी तैनात कर दी गई हैं।

पुलिस की ओर से धार्मिक स्थलों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए एलान भी कराया जा रहा है। इसके बावजूद तेंदुए के दोबारा दिखाई देने से ग्रामीणों का डर कम नहीं हुआ है। आगरा की एसओएस वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम भी दोबारा मोर्चे पर पहुंच गई है।

यह टीम 14 अगस्त को पांच तेंदुओं के पकड़े जाने के बाद टीम वापस लौट गई थी, लेकिन महिला विरमो देवी की मौत की घटना के बाद उसे फिर बुलाया गया। टीम लीडर मनोज कुमार चौरसिया के नेतृत्व में टीम आधुनिक उपकरणों के साथ रामगंगा के खादर क्षेत्र में पहुंची और सबसे पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया।

टीम ने बलिया गांव के अलावा पीपली घनश्यामपुर और लालापुर पीपलसाना गांव का भी दौरा किया। बताया गया कि घटना स्थल नन्हीं देवी रघुनाथ सिंह स्मृति इंटर कॉलेज, पीपली घनश्याम गांव के आसपास है। टीम ने तेंदुए की गतिविधियों, रास्तों और संभावित मूवमेंट वाले क्षेत्रों की जानकारी जुटाई जा रही है।

वन संरक्षक आदर्श कुमार ने डीएफओ डाॅ. विनय कुमार सिंह और वन विभाग की टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। कहा कि किसी भी स्थान से तेंदुए की सूचना मिलती है तो टीम तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति की जांच करे।

रामगंगा में पानी बढ़ने के साथ बढ़ी चुनौती

वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब रामगंगा नदी का बढ़ता जलस्तर भी है। वन संरक्षक के मुताबिक रामगंगा में पानी बढ़ने से तेंदुए आसपास के क्षेत्रों में मूवमेंट कर सकते हैं। खेतों में भी पानी भरने से तेंदुओं के छिपने और सूखी जगह तलाशने की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में किसानों और ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

क्षेत्र में फिलहाल 22 पिंजरे लगाए गए हैं और आसपास के जिलों से और पिंजरे मंगाए जा रहे हैं। वन विभाग की टीमें निगरानी में जुटी हैं। लेकिन ग्रामीणों का सवाल अब भी वही है, जब तेंदुआ घरों और सड़कों तक पहुंच चुका है और एक महिला की जान जा चुकी है तो उसे पकड़ने की कार्रवाई इतनी धीमी क्यों है? तेंदुए की हर नई दस्तक के साथ गांवों में डर और गुस्सा दोनों बढ़ते जा रहे हैं।

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