विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुरादाबाद में एक सितंबर से जमीन खरीदना महंगा, नया सर्किल रेट हुआ लागू, डीएम ने लगाई मुहर

Published: Mon, 31 Aug 2026 11:44 PM (IST)

मुरादाबाद में 1 सितंबर से जमीन की रजिस्ट्री नए सर्किल रेट पर होगी, जिसमें औसतन 12 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

News Article Hero Image

HighLights

  1. मुरादाबाद में 1 सितंबर से नए सर्किल रेट लागू।

  2. जमीन की रजिस्ट्री पर औसतन 12% की वृद्धि।

  3. कृषि भूमि खरीदारों को 600 मीटर से अधिक पर राहत।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। एक सितंबर यानी मंगलवार से जिले में जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। आज से नए सर्किल रेट के आधार पर रजिस्ट्री होगी। औसतन जिले में 12 प्रतिशत सर्किल रेट में बढ़ोतरी की गई है। जारी नई रेट लिस्ट में जिला, राज्य व नेशनल हाईवे किनारे कृषि भूमि खरीदने वालों को बड़ी राहत दी गई है। पहले हाईवे किनारे 600 मीटर तक कृषि भूमि खरीदने पर भूमि की अकृषक दर में रजिस्ट्री होती थी।

नई व्यवस्था अनुसार, अब सिर्फ 600 मीटर तक ही कृषि खरीदने पर अकृषक दर लागू होगी। उससे अधिक खरीदने की दशा में कृषक दर से 50 प्रतिशत वृद्धि के साथ रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। लगातार दूसरे वर्ष कामर्शियल और निर्माण की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद सोमवार को फाइनल रेट लिस्ट पर मुहर लगा दी गई।

जिला प्रशासन की ओर से पांच अगस्त को प्रस्तावित सर्किल रेट लिस्ट जारी की गई थी, जिसके अनुसार औसतन 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी। दावे एवं आपत्तियों के समय कई स्थानों पर अधिक सर्किल रेट बढ़ाए जाने की बात सामने आई। डीएम डा. राजेन्द्र पैंसिया के सामने पूरी रिपोर्ट रखी गई, जिसके बाद उन्होंने औसतन 12 प्रतिशत वृद्धि पर ही मुहर लगाई।

इसके साथ हाईवे किनारे कृषक भूमि की रजिस्ट्री को लेकर 600 मीटर से उससे अधिक खरीद पर एक ही नियम की जटिलता व बोझ को खत्म किया गया। अभी तक व्यवस्था थी कि यदि कोई भी व्यक्ति जिला, राज्य व नेशनल हाईवे किनारे कृषि भूमि खरीदता है तो उसे 600 मीटर तक अकृषक दर में रजिस्ट्री करानी पड़ती थी।

शेष कृषक दर पर रजिस्ट्री होती थी। इससे खरीदारों पर बोझ पड़ता था। अब नई व्यवस्था अनुसार, 600 वर्गगज तक खरीदने पर ही अकृषक दर लागू होगी। उससे अधिक खरीद पर कृषक दर से 50 प्रतिशत वृद्धि के साथ रजिस्ट्री करा सकेंगे।

यह भी बता दें कि नगर निगम सीमा क्षेत्र के सर्किल रेट में साल 2024 में कोई वृद्धि नहीं की गई थी। जिसके चलते बीते साल 2025 में शहरी क्षेत्र में सबसे अधिक औसतन 20 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी की गई थी। प्रस्तावित रेट लिस्ट की बीते वर्ष की रेट लिस्ट से तुलना करें तो अबकी बार आठ प्रतिशत कम वृद्धि हुई है।

बीते वर्ष औसतन 20 प्रतिशत वृद्धि की गई थी। मनोहरपुर, मंगूपुरा, डिडौरा, डिडौरी समेत जिन 13 गांवों में एमडीए की ओर से भूमि अधिगृहीत की जा रही है। वहां के सर्किल रेट में सबसे कम वृद्धि की गई है। रिंग रोड पर पड़ने वाली गांवों में भी इसका ध्यान रखा गया है।

उपनिबंधक व एसडीएम की आख्या पर गाटा संख्या का होगा निस्तारण

गाटा संख्या में त्रुटि को लेकर निस्तारण की प्रक्रिया को भी सरल किया गया है। इसके लिए उपनिबंधक व एसडीएम की जिम्मेदारी तय की गई है। दोनों की आख्या पर संबंधित गाटा संख्या संबंधित त्रुटि का निस्तारण हो सकेगा।

पुराने रेट पर रजिस्ट्री को लेकर उमड़ी भीड़

एक सितंबर से नए सर्किल रेट पर रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी। लिहाजा, पुराने सर्किल रेट पर रजिस्ट्री को लेकर सोमवार को रजिस्ट्री दफ्तराें में खूब भीड़ उमड़ी। सुबह कार्यालय खुलने के बाद से देरशाम तक एक जैसा ही नजारा देखने को मिला।

नए सर्किल रेट की प्रस्तावित दरें जारी कर दी गई हैं। औसतन 12 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। कामर्शियल और निर्माण की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। नई दरें एक सितंबर से प्रभावी रहेंगीं।

-डाॅ. राजेन्द्र पैंसिया, डीएम

प्रमुख क्षेत्रों के सर्किल रेट पर नजर

क्षेत्र सर्किल रेट
गुरहट्टी चौराहे से पीलीकोठी तक 146000
पीलीकोठी से मधुबनी तक 133000
मधुबनी से विवेकानंद तक 127000
बुधबाजार इंपीरियल से दुर्गा मंदिर दोनों ओर 267000
फव्वारा तिराहे से पीलीकोठी महिला थाना 146000
अकबर किले से सेल टैक्स आफिस तक 92000
साई मंदिर रोड पर चौबीस मीटर रोड तक 105000
वेव सिनेमा से सेलटैक्स आफिस चौराहा 85000
सेलटैक्स आफिस से टीडीआइ गोल्ड जिम 76000
सदर तहसील से हिमगिरि होते हुए हरथला 53000
सदर तहसील से आरओबी पार तिगरी तक 48000
लाकड़ी फाजलपुर से ट्रांसपोर्ट नगर 33000
लोकोशेड से चरण सिंह चौराहा दोनों ओर 118000
चिड़ियाटोला से प्रकाश नगर चरण सिंह चौक तक 88000

यह भी पढ़ें- Gorakhpur-Shamli Expressway: किसानों ने मुआवजा बढ़ाने व अधिग्रहित होने वाली भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने को बुलंद की आवाज

यह भी पढ़ें- बरेली में नया सर्किल रेट 25 अगस्त से होगा लागू, प्रशासन ने आपत्तियों के निस्तारण के बाद लिया निर्णय