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मुरादाबाद कुलदीप हत्याकांड: 4 लाख की फिरौती के लिए एम्बुलेंस में अपहरण, 5 साल बाद दो भाइयों समेत 3 को उम्रकैद

Published: Thu, 20 Aug 2026 09:58 PM (IST)

पाकबड़ा के चर्चित कुलदीप गुप्ता अपहरण और हत्याकांड में कोर्ट ने दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपितों को उम्रकैद की ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक इमेज

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HighLights

  1. पांच साल पहले आरोपितों ने किया था अपहरण, एंबुलेंस से ले गए थे बिजनौर

  2. पुलिस ने 29 को बनाया था केस में गवाह, दस ने कोर्ट पहुंचकर दी गवाही

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। पाकबड़ा के चर्चित कुलदीप गुप्ता अपहरण और हत्याकांड में गुरुवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपित दो सगे भाई कर्मवीर उर्फ भोलू और रनवीर उर्फ नन्हें निवासी काजीपुरा सिविल लाइंस व इनके रिश्तेदार नंद किशोर उर्फ नंदू निवासी चाऊ की बस्ती मझोला को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

तीनों पर 1.20-120 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले में पुलिस ने 29 लोगों को अपनी चार्जशीट में गवाह बनाया था। दस ने कोर्ट में पहुंचकर गवाही दी। आरोपितों ने कारोबारी को अपहरण करने के बाद एंबुलेंस में डालकर बिजनौर ले गए थे और वहीं पर हत्या करने के बाद शव फेंक दिया था। इस मामले की सुनवाई एडीजे-एक अनिल कुमार की अदालत में चली।

मामला वर्ष 2021 का है। दिल्ली रोड स्थित मिलन विहार निवासी कारोबारी कुलदीप गुप्ता की पाकबड़ा में आटो पार्ट्स की दुकान थी। चार जून 2021 को वह अचानक लापता हो गए थे। बड़े भाई संजीव गुप्ता ने पाकबड़ा थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

जांच में सामने आया था कि लापता होने वाले दिन कुलदीप ने पत्नी को फोन कर अपने पुराने कर्मचारी मुस्तफा को चार लाख रुपये देने के लिए कहा था। पत्नी ने उसके बताए अनुसार रकम मुस्तफा को दे दी थी। मुस्तफा ने वह रकम लाकर कारोबारी कुलदीप गुप्ता को दे दी थी।

यह बात आरोपितों को पता था कि कारोबारी के पास चार लाख रुपये हैं। उन रुपये के लिए पहले उनका अपहरण किया गया। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो अपहरण और हत्या की साजिश का राजफाश हुआ।

पुलिस ने उस समय बताया था कि कुलदीप गुप्ता के परिचित नंद किशोर उर्फ नंदू दुकान पर पहुंचे और अस्पताल चलने की बात कहते हुए साथ ले गए थे। इसके बाद उसने अपने भाई और तीसरे आरोपित रिश्तेदार के साथ मिलकर कारोबारी का अपहरण कर लिया था।

एंबुलेंस में डालकर बिजनौर के गंगाधरपुर गांव ले गए थे। जहां उनकी हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया था। पुलिस ने सात जून 2021 को आरोपियों को गिरफ्तार किया था। नंद किशोर से फिरौती की रकम में से तीन लाख रुपये बरामद किए थे, जबकि अन्य आरोपितों से 50-50 हजार रुपये बरामद किए गए।

एक आरोपित रनवीर ने बाद में अदालत में आत्मसमर्पण किया था। बाद में पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपित के कब्जे से 50 हजार रुपये और कुलदीप का सोने का लाकेट बरामद किया था।

आरोपितों के पास से लोहे की राड भी बरामद की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान वादी समेत कुल दस गवाहों के बयान दर्ज किए गए। एडीजीसी राजीव कौशिक ने बताया कि इस मामले की सुनवाई एडीजे-एक अनिल कुमार की अदालत चली।

अदालत ने बरामदगी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपितों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने लगाए गए अर्थदंड की 75 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को देने का भी आदेश दिया है।

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