विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुरादाबाद में एक्सपोर्ट फर्म दीवान एंड संस पर आईटी का सर्वे, कर्मचारियों के रिकॉर्ड और टीडीएस का हुआ मिलान

Published: Thu, 08 Oct 2026 12:56 AM (IST)

आयकर विभाग ने मुरादाबाद की निर्यात फर्म दीवान एंड संस पर टीडीएस जांच के लिए सर्वे किया। टीम ने कर्मचारियों ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. मुरादाबाद की निर्यात फर्म दीवान एंड संस पर आयकर सर्वे।

  2. आयकर टीम ने टीडीएस और कर्मचारियों के रिकॉर्ड जांचे।

  3. नए आयकर कानूनों के तहत टीडीएस अनुपालन पर जोर।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। निर्यात कारोबार से जुड़ी फर्मों में आयकर विभाग की टीडीएस जांच तेज हो गई है। बुधवार को आयकर विभाग की टीम ने लाकड़ी फाजलपुर स्थित निर्यात फर्म दीवान एंड संस में सर्वे किया। टीम ने फर्म में कर्मचारियों और भुगतान से जुड़े रिकार्ड की जांच की। कुछ दस्तावेज टीम अपने साथ भी ले गई।

फर्म स्वामी जोगिन्दर गांधी ने बताया कि आयकर विभाग की कार्रवाई टीडीएस को लेकर हुई थी। टीम ने जो रिकार्ड मांगा, वह उपलब्ध करा दिया गया है। विभाग की ओर से आगे जो भी दस्तावेज मांगे जाएंगे, उन्हें भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्रवाई को लेकर फर्म की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है।

नए आयकर कानून के बाद टीडीएस पर नजर आयकर विभाग की ओर से टीडीएस में कटौती, जमा और रिटर्न में दर्ज विवरण का मिलान किया जाता है। भुगतान की प्रकृति के अनुसार सही दर से टीडीएस काटना और समय से सरकारी खाते में जमा करना जरूरी है। विभाग इसके साथ टीडीएस रिटर्न और करदाता के अन्य वित्तीय विवरणों का भी मिलान कर सकता है।

इस समय नए आयकर कानून के तहत टीडीएस व्यवस्था में भी बदलाव लागू हैं। एक अप्रैल 2026 के बाद के लेनदेन में नई व्यवस्था के अनुसार टीडीएस से जुड़े प्रावधान और रिपोर्टिंग की जा रही है। निर्यात कारोबार में कर्मचारियों का वेतन, ठेकेदारों को भुगतान, कमीशन, पेशेवर सेवाओं और अन्य भुगतान टीडीएस जांच के दायरे में आ सकते हैं। ऐसे में विभाग अब रिकार्ड और रिटर्न में दर्ज आंकड़ों के मिलान पर जोर दे रहा हैं।

यह भी पढ़ें- डॉक्टर बनकर ठगने वाले हाई-टेक गिरोह की जमानत याचिका खारिज, नाइजीरियन और नेपाली युवतियों ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा