मुरादाबाद, जागरण संवाददाता।  स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही की हद कर दी। स्वास्थ्य केंद्र पर वितरण के लिए पहुंची दवाओं की एक्सपायरी डेट तक चेक नहीं की गई। लोगों की जान की परवाह किए बिना ही एक्सपायरी दवा का वितरण कर दिया गया। गनीमत रही कि इन दवाओं को खाने के बाद लोगों को साइड इफेक्ट की शिकायत अभी तक नहीं मिली है।

डिलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। ओपीडी में आने वाले 40 से अधिक मरीजों को विटामिन बी कांप्लेक्स की एक्‍सपायर हो चुकी 200 टेबलेट वितरित कर दी गईं। इस मामले की जानकारी जब स्वास्थ्य अधिकारियों को हुई तो खलबली मच गई। डिलारी चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. विशाल दिवाकर ने जांच के बाद पत्र जारी कर दिया। इसमें फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह, मनोज कुमार और रुपवती प्रजापति का नाम दिया है। एक्सपायर दवा की जानकारी उस वक्त हुई जब डीएम कार्यालय से फोन पर बताया गया कि राहुल पुत्र ओमप्रकाश को एक्सपायर दवा दी गई है। बाकी मरीजों की हालत के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।

ये है नियम : दवाइयां बांटने का पूरा प्रोटोकाल है। इसके लिए एक रजिस्टर में पूरा रिकार्ड रखा जाता है। दवाओं की पूरी डिटेल उसमें दर्ज की जाती है। एक्सपायरी तारीख आने से पहले ही उस दवा को अलग कर दिया जाता है। इसके बाद वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करने के साथ ही उसे नष्ट कराया जाता है।

एक्सपायर दवाओं का रजिस्टर नहीं : डिलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 200 टेबलेट विटामिन बी-काम्पलेक्स बांटने के बाद पता चला कि रजिस्टर ही नहीं बनाया गया है। दवाओं की जानकारी भी उसमें दर्ज नहीं की गई है।

कमजोरी दूर होने के बजाय बिगड़ सकती है हालत : चिकित्सक द्वारा मरीज के शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए विटामिन बी कांप्लेक्स टेबलेट दी जाती है। लेकिन, 200 टेबलेट मरीजों को बांट दी गई। एक मरीज को कम से कम पांच टेबलेट दी जाती हैं। इस लिहाज से तकरीबन 40 मरीजों को ये दवा दी गई हैं।

ये होगी कार्रवाई : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डिलारी में एक्सपायर दवा वितरित करने वाले तीन फार्मासिस्ट समेत जो भी जिम्मेदार हैं। जांच के बाद उनके खिलाफ स्थानांतरण के साथ ही वेतनवृद्धि पर रोक की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाएगी।

एक्सपायर दवा वितरित करने के मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी है। सीएचसी के साथ ही अन्य केंद्रों की जांच कराई जाएगी। कमेटी द्वारा रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

डा. एमसी गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

 

Edited By: Narendra Kumar