मुरादाबाद, जेएनएन। Moradabad Fruit Market News : : कोरोना के कारण लग रहे अस्थायी लॉकडाउन के कारण फलों के स्वाद पर महंगाई का वार हावी हो गया है। दिल्ली की मंडी में शनिवार व रविवार को बंदी होने के कारण वहां से आवक कम हो गई है। जिसका असर स्थानीय मंडी में फलों के थोक भाव पर पड़ा था तो ठेले व फड़ वालों ने भी उसी हिसाब से फलों के दाम बढ़ा दिए हैं। सबसे ज्यादा महंगाई ईरान व न्यूजीलैंड से आने वाली कीवी पर है। यह किग्रा में नहीं एक पीस के हिसाब से बिकती है।

सामान्य दिनों में 30 रुपये प्रति कीवी बिक रही थी लेकिन, इन दिनों 60 रुपये की एक कीवी बिक रही है। कीवी में बुखार कम करने के तत्व बताए जाते हैं, जिससे इस फल का सेवन करने को चिकित्सक भी सलाह दे रहे हैं। डिमांड बढ़ने व आवक कम होने से कीवी समेत पपीता, सेब, संतरा, अंगूर, मौसमी की दामों में आग लगी हुई है। ठेले पर सेब मध्यम गुणवत्ता का 200 रुपये तक पहुंच गया है। एक सप्ताह पहले 180 रुपये किग्रा था।

पपीता भी आंद्र प्रदेश व महाराष्ट्र से आता है, इसकी फसल कम होने से इसके दाम भी आसमान पर हैं। सामान्य दिनों में पपीता 30 से 35 रुपये किग्रा था लेकिन, इन दिनों 50 रुपये के पार पहुंच गया है। संतरे व अंगूर की फसल खत्म हो गई है, जिससे बाजार में यह दोनों घटिया गुणवत्ता के भी महंगे हैं। संतरा 130 रुपये व अंगूर 120 रुपये प्रति किग्रा घटिया गुणवत्ता का है।

रमजान की वजह से भी महंगाई

इन दिनों रमजान चल रहे हैं। जिससे हर घर में फलों की चाट बनती है, जिससे इन्युनिटी बनी रहे। फलों की महंगाई रमजान के कारण भी बढ़ी हैं। सेब इन दिनों को कोल्ड स्टोरेज से आ रहा है। जिससे इसके भाव में तेजी है। अभी सेब की फसल के तीन महीने बाकी हैं।

फलों के दामफल थोक फुटकर

अब आवक पहले आवककीवी 35 से 40 (एक पीस) 50-60 15 डिब्बे(30 पीस) 500 डिब्बेसेब 120 से 150 200 दो कुंतल 20 से 25 कुंतलमौसमी 50 से 80 रुपये 150 500 कुंतल 50 कुंतलअंगूर 50 से 60 रुपये 100 से 120 20 कुंतल 150 से 200 कुंतलअनार 50 से 60 रुपये 80 से 100 50 कुंतल 500 कुंतलसंतरा से 50 रुपये 110 से 120 दो कुंतल 400 से 500 कुंतलपपीता 50 70 से 80 240 कुंतल 1000 कुंतल

इन दिनों लाकडाउन के कारण दिल्ली से ही फलों की आवक कम हो गई है। वहीं से फलों की आवक कम है। इस वजह से थोक में भी भाव महंगे हो गए हैं।मुकेश पाल, फल मंडी प्रभारी

फलों की महंगाई का कारण लाकडाउन व रमजान दोनों की वजह से है। रमजान में फलों की चाट इम्युनिटी बनाए रखने को रोजेदार प्रयोग कर रहे हैं। हरीश आलम, थोक फल विक्रेता

कीवी की आवक कम हुई है। बुखार कम करने को कीवी उपयोगी बताया जाता है, जिससे इसका इस्तेमाल बढ़ने से महंगी हुई है। मोईन, थोक फल विक्रेता 

Edited By: Ravi Mishra