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मुरादाबाद में खाद विक्रेताओं पर बड़ा एक्शन: 35 लाइसेंस निरस्त, अब पोर्टल से भी हमेशा के लिए डिलीट होगी ID

Published: Sat, 16 May 2026 11:10 PM (GMT+05:30)

मुरादाबाद में कृषि विभाग ने खाद विक्रेताओं पर बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें पिछले दो साल में 35 लाइसेंस निरस्त ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

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HighLights

  1. विभाग ने शासन को पोर्टल से आइडी डिलीट करने को भेजी सूचना

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। जिले में खाद बिक्री के कारोबार में अनियमितताएं करने वाले विक्रेताओं पर कृषि विभाग ने शिकंजा कसा है। पिछले दो वर्षों में जिले के 35 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।इनमें छह लाइसेंस ऐसे हैं, जिन्हें पिछले तीन दिन में निरस्त किया गया है।

अब कृषि विभाग ने इन दुकानदारों की रिटेलर आइडी भी उर्वरक पोर्टल से डिलीट कराने के लिए शासन को सूची भेजी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इससे ऐसे दुकानदार भविष्य में आनलाइन माध्यम से खाद का उठान नहीं कर सकेंगे।

जिला कृषि अधिकारी डा. राजेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि विभिन्न कारणों से निरस्त किए गए उर्वरक विक्रेताओं की रिटेलर आइडी पोर्टल से हटेगी। उन्होंने संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक) को पत्र लिखकर छह माह से अक्रियाशील चल रहे विक्रेताओं की आइडी भी समाप्त करने का अनुरोध किया गया है।

जिले में लंबे समय से खाद की कालाबाजारी, स्टाक छिपाने, किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचने और रिकार्ड में गड़बड़ी की शिकायतें मिलती रही हैं। कई बार विभागीय छापेमारी में स्टाक और बिक्री रजिस्टर में अंतर मिला।

जांच के बाद कई दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए, लेकिन अब विभाग के सामने नई चुनौती यह है कि इनमें से कुछ कारोबारी दूसरे नामों से फिर बाजार में सक्रिय रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही शिकायतों के अनुसार कुछ दुकानदारों ने परिवार या परिचितों के नाम से नई दुकानें खोल ली हैं।

बोर्ड और फर्म का नाम बदल गया, लेकिन संचालन वही लोग कर रहे हैं जिन पर पहले कार्रवाई हुई थी। इससे किसानों में भी नाराजगी है। किसानों का कहना है कि हर सीजन में खाद की कमी और कालाबाजारी का सबसे ज्यादा नुकसान उन्हें ही झेलना पड़ता है।

यूरिया की मांग बढ़ने के दौरान कई दुकानों पर कृत्रिम कमी पैदा कर किसानों को परेशान करने की शिकायतें सामने आती रही हैं। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि पोर्टल आधारित निगरानी मजबूत होने से ऐसे मामलों पर कुछ हद तक रोक लगेगी।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि निरस्त किए गए विक्रेताओं की सूची शासन को भेज दी गई है। पोर्टल से आइडी हटने के बाद इनके नाम पर खाद उठान और बिक्री पूरी तरह बंद हो जाएगी।

लाइसेंस निरस्त किए गए खाद विक्रेताओं के नाम

तैमूर एग्रीकल्चर स्टोर बाकीपुर, राजपूत किसान सेवा केंद्र आलियाबाद, न्यू सैनी एग्रीकल्चर स्टोर बहोरनपुर कला, सैनी एग्रीकल्चर स्टोर नवावपुरा, एग्रो खाद एजेंसी असालतनगर बघा, किसान सेवा केंद्र मलकपुर सेमली, आइएफडीसी गांगन तिराहा, पंतनगर बीज भंडार अगवानपुर शाम‍िल हैं।

इनके अलावा अल्तमश खाद भंडार महमूदपुर, अली खाद भंडार धतुर्रा मेघा नंगला, कृष्णा एजेंसी गुलाबबाड़ी, यादव एग्रीकल्चर स्टोर अक्का डिलारी, किसान फर्टिलाइजर हरथला, आइएफडीसी हुसैनपुर हमीर, वंश खाद भंडार जमशेदपुर, किसान सेवा केंद्र मिलक चंगेरी, जनता खाद भंडार हुसैनपुर हमीर का नाम है।

वहीं किसान सेवा भंडार ठाकुरद्वारा, कृष्णा ट्रेडर्स रामनगर खागूवाला, विश्नोई एग्रीकल्चर स्टोर मनकुआ, गुड्डू खाद भंडार बोवदवाला, आदिया एग्रीकल्चर स्टोर नेमतुल्लानगर, विश्नोई ट्रेडर्स गोपालपुर, एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप, आइएफडीसी सलावा, सैनी बीज भंडार मौढ़ा तैय्या शामि‍ल हैं।

इनके अलावा शरद खाद भंडार महमूदपुर माफी, चौहान ट्रेडर्स रामूवाला गनेश, कुबेर खाद भंडार चतरपुर नायक, भारत किसान सेवा केंद्र गूलर चौराहा, श्री बालाजी कृषि सेवा केंद्र अमरपुर काशी, न्यू एग्री क्लीनिक एंड एग्री बिजनेस सेंटर, कार्तिक ट्रेडर्स पाकबड़ा, रूही इंटरप्राइजेज सहसपुर और किसान एग्रीकल्चर स्टोर इग्रहा का नाम शामिल हैं।

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