मुरादाबाद, रितेश द्विवेदी। Moradabad Fake Exchange Case : इंटरनेशनल काल को सिम बाक्स के जरिये लोकल काल में परिवर्तित करने का पर्दाफाश मझोला पुलिस ने किया था। मुरादाबाद ही नहीं, नोएडा एवं अन्य स्थानों पर जितने भी फर्जी एक्सचेंज पकड़े गए हैं, उनमें लगे सिम बाक्स जापान और चीन की कंपनियों के पाए गए हैं। देश में निजी एक्सचेंज संचालन को अनुमति नहीं है। वहीं इन सिम बॉक्स मंगाना भी प्रतिबंधित है। ऐसे में दूसरे देश से कैसे इन बॉक्स को मंगाया गया इस मामले की जांच मझोला पुलिस कर रही है।

शनिवार को ट्रांसपोर्ट नगर स्थित उवैश आलम के आवास में निजी मोबाइल एक्सचेंज पकड़ा था। नोएडा पुलिस से सूचना मिलने के बाद मझोला पुलिस ने छापेमारी की कार्रवाई की थी। पुलिस की कार्रवाई में सात सिम बॉक्स और 187 मोबाइल सिम आरोपित के घर से बरामद किए गए थे। इन निजी एक्सचेंज के जरिए भारत की आंतरिक सुरक्षा को ठेस पहुंचाने के साथ अर्थ व्यवस्था पर भी चोट करने का काम किया जा रहा था।

पुलिस इस मामले में विदेश से आने वाले कॉल्स को किस भारतीय गेटवे से बाईपास दिया जाता था, उसकी जांच में जुट गई है। आरोपित काल ट्रांसफर करने के लिए जिस गेटवे का प्रयोग करते थे, उससे इंटरनेशनल टैरिफ के अनुसार भुगतान नहीं करना पड़ता था। वहीं, उनके कॉल्स का टेलीफोन कंपनियों के पास कोई ब्योरा भी नहीं होता था। साल 2017 में महाराष्ट्र एटीएस ने फर्जी निजी एक्सचेंज को पकड़ा था, वहां पर मिले सिम बॉक्स का प्रयोग जापान का सर्वर लगा था, जिसकी मदद से इंटरनेशनल कॉल्स को लोकल में बदलने की कार्रवाई की जाती थी।

वहीं सिम बॉक्स भी एक जापानी कंपनी का होने की बात रिपोर्ट में कही गई थी। नोएडा पुलिस के द्वारा 26 मई को की गई छापेमारी में जो सिम बॉक्स मिले उन्हें चाइनीज कंपनी का बताया जा रहा हैं। मुरादाबाद के सिम बॉक्स भी उसी चाइना की कंपनी के हैं, जो नोएडा में पकड़े गए थे। पुलिस इस मामले में आरोपित को रिमांड में लेकर यह जानना चाहती है कि आखिर प्रतिबंध के बाद इन सिम बॉक्स को विदेश से कैसे मंगाया गया। कौन सी कंपनी है, जो देश में सिम बॉक्स की सप्लाई कर रही है। पुलिस को यह भी आशंका है कि कहीं कस्टम विभाग की आंख में धूल झोंककर इन सिम बॉक्स को मंगाने का काम तो नहीं किया गया।

अदालत में रिमांड के लिए लगाई अर्जी

मझोला थाना पुलिस ने आरोपित उवैश की रिमांड लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद मझोला थाना पुलिस नोएडा जाकर उवैश को रिमांड में लाने की कार्रवाई करेगी। वहीं इस दौरान पुलिस उससे निजी एक्सचेंज के उपकरण कहां से हासिल करें व किन लोगों की वह बात कराता था इसकी भी जानकारी जुटाएगी।

बीएसएनएल विभाग को पुलिस ने भेजा पत्र

मुरादाबाद पुलिस ने भारत संचार निगम लिमिटेड के स्थानीय अधिकारियों को पत्र भेजा है, इस पत्र में बीएसएनएल के अधिकारियों से एक तकनीकी इंजीनियर जांच में सहयोग करने के लिए बुलाया गया है। एएसपी अनिल कुमार यादव ने बताया कि जो भी उपकरण आरोपित के घर से बरामद किए गए हैं, उनका प्रयोग कैसे किया जाता था, इस संबंध में संचार विभाग के अधिकारी ही जानकारी दे सकते हैं। इसके साथ ही इनकी खरीद के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी मांगी जाएगी। इसी संबंध में बीएसएनएल के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर जांच में सहयोग करने के लिए एक इंजीनियर अप्वाइंट करने की मांग की गई है।

बैंक खातों की जांच शुरू

निजी एक्सचेंज चलाने वाला उवैश बहुत की लग्जरी लाइफ जीता था। पुलिस ने जब उसके घर में छापेमारी में घर में मिला हर सामान बड़े ब्रांड का है। उवैश बहुत ही लग्जरी लाइफ जीता था। पुलिस अब मुरादाबाद में उसके बैंक खातों को लेकर जानकारी जुटाने में लग गई है। नोएडा पुलिस ने आरोपितों के खाते सीज करा दिया है। मुरादाबाद में उवैश ने किसके नाम से खाते खुलवाए थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। अफसरों ने बताया कि उसके खाते में किन स्थानों और कौन लोग पैसे भेजते थे व खातों से कहां पैसे भेजे गए हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

Edited By: Ravi Mishra