विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

डिप्टी सीएम के जाते ही मुरादाबाद जिला अस्पताल की खुली पोल, चाय के बहाने गायब मिले डॉक्टर

Published: Sat, 17 Oct 2026 11:16 PM (IST)

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के निरीक्षण के तुरंत बाद मुरादाबाद जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गईं। कई वरिष्ठ डॉक्टर अपने कक्षों ...और पढ़ें

जिला अस्पताल की ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञ का कक्ष। जागरण

जिला अस्पताल की ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञ का कक्ष। जागरण

HighLights

  1. फिजिशियन और हड्डी रोग विशेषज्ञ अपने कक्षों से नदारद, प्रशिक्षु करते मिले मरीजों का उपचार

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के जिला अस्पताल के निरीक्षण के कुछ देर बाद ही व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर इलाज और सुविधाओं का हाल जाना था, लेकिन उनके जाते ही डाक्टरों की मौजूदगी और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए।

फिजिशियन कक्ष संख्या 10 में वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. ब्रह्म सिंह नहीं मिले। हड्डी रोग विभाग के कक्ष संख्या 17 से विशेषज्ञ डाॅ. शोभित भी नदारद थे। फिजिशियन कक्ष में प्रशिक्षु मरीजों का उपचार करते मिले।

पूछने पर उन्होंने बताया कि सर चाय पीने गए हैं। उधर, आयुष्मान कक्ष के बाहर आठ से दस मरीज कार्ड बनवाने के लिए इंतजार करते रहे। कर्मचारी के नहीं मिलने पर उन्हें बार-बार यही जवाब मिला कि अभी 10 मिनट में आ रहे हैं।

कक्ष में डाॅक्टर नहीं, इंटर्न के भरोसे मरीज

जिला अस्पताल का निरीक्षण कर डिप्टी सीएम के लौटने के बाद दैनिक जागरण की पड़ताल में कक्ष संख्या 10 में वरिष्ठ चिकित्सक डा. ब्रह्म सिंह अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले।

सवाल यह है कि निर्धारित ड्यूटी के समय वरिष्ठ चिकित्सक के कक्ष से गायब रहने पर मरीजों को देखने की जिम्मेदारी किसकी है? अस्पताल में दूर-दराज से आने वाले मरीज विशेषज्ञ से परामर्श की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं।

जिला अस्पताल की ओपीडी में फिजिशियन कक्ष में इंटर्न मरीज को दवा लिखते हुए। जागरण

मगर, डाॅक्टर के नहीं मिलने पर उन्हें इंतजार करना पड़ता है। कक्ष संख्या 17 में हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. शोभित की ड्यूटी थी, लेकिन वह भी अपने कक्ष में नहीं मिले।

जामा मस्जिद क्षेत्र के फरीद, पुराना दसवां घाट की तसलीमा और डबल फाटक की रेखा डाक्टर को दिखाने के लिए इंतजार करते रहे। मरीजों को यह जानकारी नहीं थी कि डाक्टर कब तक आएंगे।

आयुष्मान कक्ष पर इंतजार, कर्मचारी का पता नहीं

अस्पताल में इलाज के साथ आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया भी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनी रही। दोपहर करीब 12 बजे से आठ से दस मरीज आयुष्मान कक्ष के बाहर कर्मचारी का इंतजार करते रहे। इनमें ठाकुरद्वारा के अनीस, पंडित नगला के गालिब, करुला मोती मस्जिद की इशरत और डबल फाटक की आकांक्षा सक्सेना शामिल थीं।

 

उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने मरीजों और तीमारदारों से स्वयं बातचीत की थी। सभी ने व्यवस्थाओं को ठीक बताया। निरीक्षण के बाद जो चिकित्सक अपने कक्ष में नहीं मिले, उनसे जानकारी की जाएगी कि वह कहां गए थे।

डाॅ. प्रदीप वार्ष्णेय, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल


यह भी पढ़ें- वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए उमड़े युवा: मुरादाबाद में एक दिन में आए 6400 फॉर्म, अब 24 अक्टूबर को मौका