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CM योगी का सख्त आदेश बेअसर? मुरादाबाद की खस्ताहाल सड़कों पर मंडरा रहा हादसों का खतरा!

Published: Mon, 14 Sep 2026 06:02 PM (IST)

मुरादाबाद की ग्रामीण सड़कें बारिश के कारण खस्ताहाल हो गई हैं, जिससे गहरे गड्ढे हादसों की वजह बन रहे हैं। ...और पढ़ें

मुरादाबाद में सड़कों की बदहाल स्थिति

मुरादाबाद में सड़कों की बदहाल स्थिति

HighLights

  1. बच्चों से भरी ई-रिक्शा पलटी फिर भी नहीं चेते जिम्मेदार, ग्रामीणों में नाराजगी

  2. बारिश ने खोली सड़कों की पोल, पानी में छिपे गड्ढे बन रहे हादसों की वजह

जागरण टीम, मुरादाबाद। सड़क पर कदम रखते ही सामने गहरा गड्ढा...उसे बचाने के लिए बाइक सवार अचानक हैंडल मोड़ता है और पीछे से आ रहे वाहन से टकराने पर बाल-बाल बच जाता है। कुछ मीटर आगे सड़क पर पानी भरा है। नीचे गड्ढा कितना गहरा है, इसका अंदाजा नहीं। वाहन चालक गति धीमी करता है और किसी तरह निकलता जाता है।

यही दृश्य इन दिनों जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर आम है। मुख्यमंत्री ने त्योहार से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन गांवों में सड़कें मानो इन आदेशों का इंतजार करते-करते कई महीने से गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं।

ठाकुरद्वारा क्षेत्र के सुरजननगर, जसपुर और उत्तराखंड को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह गड्ढे हैं। कहीं डामर गायब है तो कहीं पूरी सड़क ही धंस गई है। बाइक सवारों को सामने से आने वाले वाहन और गड्ढे के बीच रास्ता चुनना पड़ रहा है।

बिजनौर को जोड़ने वाले मार्ग पर भी छोटे-बड़े गड्ढे सफर को झटका दर झटका बना रहे हैं। डिलारी रोड पर मानपुर साबित के पास हालात और डरावने हैं। बारिश का पानी गड्ढों में भरा है और पानी के नीचे सड़क है या गड्ढा, इसका पता नहीं चलता।

करीब एक माह पहले गड्ढे भरे गए थे, लेकिन सड़क फिर उखड़ गई। चार दिन पहले बच्चों से भरी ई-रिक्शा इसी मार्ग पर पलट चुकी है। इसके बाद भी सड़क वैसे ही पड़ी है।

संभल रोड से मलकपुर फत्तेहपुर खास का रास्ता रतनपुर कलां होकर पाकबड़ा-डींगरपुर मार्ग को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग है। बारिश ने सड़क की हालत और बिगाड़ दी है।

एक दर्जन से अधिक गांवों और ग्रोथ सेंटर को जोड़ने वाले इस मार्ग पर कई जगह सड़क की परत उखड़ी दिखाई देती है। पानी उतरने के बाद भी गड्ढों में कीचड़ और बजरी जमा है। कांठ में उमरी कला से काजीपुरा पतंगी का रास्ता भी राहगीरों की परीक्षा ले रहा है।

ग्रामीण बताते हैं कि जिस दूरी को तय करने में सामान्य तौर पर 20 मिनट लगने चाहिए, उसमें दो से ढाई घंटे तक लग जाते हैं। मैनाठेर में संभल-मुरादाबाद मार्ग पर गहरे गड्ढों में टूटी ईंट और मिट्टी डालकर मरहम लगाने की कोशिश हुई, लेकिन बारिश के साथ वह भी बह गया।

इन सड़कों पर सफर करते हुए सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश त्योहार से पहले सड़कें दुरुस्त करने का है। ग्रामीण इलाकों की इन सड़कों तक आदेश पहुंच जाए तो इनकी हालत भी सुधर जाएगी। हादसों पर अंकुश लगेगा और लोग सुरक्षित सफर कर सकेंगे।

 

सड़कों की मरम्मत के लिए लगातार प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। जिले में कई मार्गों की मरम्मत के लिए धनराशि स्वीकृत भी हुई है। सभी खंडों के अधिकारियों से बाढ़ से खराब होने वाली सड़कों के प्रस्ताव तैयार कराने के लिए कह दिया है।

- कमला शंकर, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग, मुरादाबाद


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