मुस्लिम महिला को मिला इंसाफ, तेजाब फेंककर तीन तलाक देने वाले पति को मुरादाबाद कोर्ट ने ठहराया दोषी
मुरादाबाद कोर्ट ने एक मुस्लिम महिला को तेजाब फेंकने और तीन तलाक देने वाले पति को दोषी ठहराते हुए पांच ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
पति वाहिद हुसैन को तेजाब फेंकने और तीन तलाक देने पर सजा।
मुरादाबाद कोर्ट ने दोषी पति को पांच साल की कारावास सुनाई।
तीन तलाक कानून के तहत मुस्लिम महिला को मिला न्याय।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। तीन तलाक कानून बनने के बाद मुस्लिम महिलाओं को न्यायालय से इंसाफ मिलना शुरू हो गया है। निकाह के आठ साल बाद भी बच्चे नहीं होने पर पत्नी को पीटकर उसके ऊपर तेजाब फेंकने और तीन तलाक देकर घर से निकालने वाले वाहिद हुसैन को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। वाहिद हुसैन का निकाह सायबा बी से हुआ था।
सायबा बी ने छह जुलाई 2021 को भोजपुर थाने में शिकायत दी कि निकाह के आठ साल बाद भी उसे बच्चा नहीं होने पर पति और ससुरालियों ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। ससुराल वाले पति का दूसरा निकाह करना चाहते थे।
चार जुलाई, 2021 को उसे जमकर पीटा और फिर पति ने उस पर तेजाब भी फेंक दिया, तीन तलाक बोलकर घर से निकाल दिया था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति व ससुरालीजन रुबीना उर्फ रुबी, शमीम, नईम और शाकिर हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी लिखी थी।
पुलिस ने विवेचना के दौरान पति के अलावा सभी के नाम प्राथमिकी से हटा दिए थे। शनिवार को कोर्ट ने पति को दोषी करार दिया। उसे मारपीट में छह माह की सजा व एक हजार रुपये का जुर्माना, तेजाब फेंकने पर पांच साल की सजा और 30 हजार रुपये जुर्माने के साथ तीन तलाक से संबंधित कानून में तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
