मुरादाबाद, जेएनएन। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इसको लेकर जहां सरकारी व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी शुरू हो गई हैं तो वहीं योग संस्थानाें ने बच्चों को पहले से तैयार करना शुरू कर दिया है। जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और आक्सीजन स्तर कम न हो पाए।

मोक्षायतन योग संस्थान की ओर से भारत योग क्लास आशियाना स्थित योग केंद्र में ऑनलाइन संचालित की गई। 40 मिनट की ऑनलाइन क्लास में योग प्रशिक्षक मनीषा गर्ग, चैतन्य, प्रतिष्ठा, वेहांग ने बच्चों को योग की क्रियाएं कराई। सबसे पहले पवनमुक्त, सांस लेने की क्रियाएं। जिससे फेफड़े मजबूत, तितली आसन से ज्वाइंट्स और एड़ी मूवमेंट, ताड़ासन से लंबाई वृक्षासन से बच्चों के शरीर का संतुलन बढ़ने के साथ शरीर का आक्सीजन बढ़ता है। पवर्तासन से खून का संचार तेज होता है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। भुजंगासन से करने से बच्चों को शरीर के आक्सीजन का स्तर कम नहीं होगा। भ्रामरी प्राणायाम से बच्चों की याददाश्त बढ़ती है। सिंहनाथ आसन से बच्चों में गले से संबंधित समस्या दूर हो जाती है। हास्यासन करने से शरीर में खून का संचार होने के साथ सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। इसमें तकरीबन 100 बच्चों ने प्रतिभाग किया। इसके अलावा पौष्टिक आहार लेने पर जोर दिया गया। बच्‍चों को न‍ियम‍ित योग के ल‍िए समय न‍िकालने के ल‍िए कहा गया। इसके अलावा अभिभावकों को भी बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य के प्रत‍ि जागरूक रहने के ल‍िए कहा गया।   

 

Edited By: Narendra Kumar