मुरादाबाद, जेएनएन। कोरोना संक्रमण से हालात दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे हैं। हालात ये हैं कि बुखार आने पर लोग जांच कराने से बच रहे हैं। ऐसी परिस्थितियां होने लगी हैं कि शरीर का ऑक्सीजन कम होने पर अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हालत खराब होने पर फौरन कोरोना की जांच कराएं। समय से इलाज कराने पर बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है।

जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आलम ये है कि अस्पताल फुल हो चुके हैं। लोग जान बचाने के चक्कर में अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। हालात गंभीर हैं। इसके बाद भी लोग समझने को तैयार नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि मामूली सर्दी, जुकाम और खांसी होने पर भी कोरोना की जांच कराएं। इसके साथ ही अगर आप पॉजिटिव के संपर्क में आए हैं तो भी जांच कराना बहुत जरूरी है। 90 से नीचे शरीर का ऑक्सीजन होने पर मरीज की हालत गंभीर हो रही है। ऐसे में डॉक्टरों के लिए भी मरीज की जिंदगी बचाना मुश्किल होता जा रहा है। 80 से कम होने पर तो मरीज की स्थिति नाजुक बन रही है। इसलिए बीमारी की स्थिति में घर में छिपकर बैठना खुद के लिए खतरनाक है। बुखार का पांचवां-छठा दिन मरीज पर भारी पड़ रहा है। शरीर के ऑक्सीजन पर नजर रखनी है। 94 से कम ऑक्सीजन होने पर फौरन कंट्रोल रूम को सूचित करें। बीमारी की जल्द पुष्टि होने के बाद जल्द इलाज मिलने से जान बच पाएगी। एल-थ्री अस्पताल के कोविड प्रभारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि इसमें लापरवाही बरतने पर दुनिया का कोई भी डॉक्टर कुछ नहीं कर सकता है। इसलिए शरीर का ऑक्सीजन चेक करते रहें। होम आइसोलेशन के संक्रमितों को भी हर दो घंटे में अपना ऑक्सीजन चेक करना है।

कंट्रोल रूम के इन नंबरों पर करें संपर्क

कोरोना काल में संक्रमित मरीजों को बुखार या अन्य कोई समस्या है तो कोविड कमांड कंट्रोल रूम के इन नंबरों पर काॅल करें। 0591-2412728, 2413025, 2413150, 9454416867, 9454416893

Edited By: Narendra Kumar