मुरादाबाद कलक्ट्रेट संघ चुनाव: सभी 9 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन; नावेद सिद्दीकी बने अध्यक्ष, हरकेश बने मंत्री
मुरादाबाद कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के द्विवार्षिक चुनाव में सभी नौ पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। नावेद सिद्दीकी अध्यक्ष और ...और पढ़ें

नावेद सिद्दीकी और हरकेश सिह
HighLights
नाम वापसी के बाद अध्यक्ष से लेकर सभी पदों पर एक-एक प्रत्याशी मैदान में रह गया
नौ पदों के सापेक्ष नौ प्रत्याशी होने पर सभी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश जनपद शाखा मुरादाबाद के द्विवार्षिक निर्वाचन में सभी नौ पदों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी भी पद पर एक से अधिक प्रत्याशी नहीं रहने के कारण निर्वाचन अधिकारी ने सभी प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।
निर्वाचन की अंतिम सूची के अनुसार अध्यक्ष पद पर नावेद सिद्दीकी निर्विरोध चुने गए हैं। मंत्री पद की जिम्मेदारी हरकेश को मिली है। वहीं वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर श्रवण कुमार और संयुक्त मंत्री पद पर शिवानी पाल निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गईं।
इसी तरह कोषाध्यक्ष पद पर रोहित कुमार, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर सुरेंद्र शर्मा, संगठन मंत्री पद पर त्रिवेद, आडिटर पद पर कुलदीप यादव तथा सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा मंत्री पद पर अनिल कुमार श्रीवास्तव का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। निर्वाचन अधिकारी अतुल कुमार अग्रवाल ने बताया कि दो सितंबर को नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न पदों के प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस लिए।
इनमें अध्यक्ष पद से अभिषेक सिंह, मंत्री पद से उदय राज, कोषाध्यक्ष पद से सोनू सिंह, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद से एजाज अहमद, संगठन मंत्री पद से मोहम्मद शफी और आडिटर पद से प्रशांत यादव शामिल रहे।
इसके अलावा सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा मंत्री पद से शिवानी पाल ने भी नाम वापस लिया। नाम वापसी के बाद कुल नौ पदों के सापेक्ष नौ ही प्रत्याशी शेष रहने पर सभी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। इससे संघ के द्विवार्षिक चुनाव में मतदान की आवश्यकता नहीं रह गई।
नए पदाधिकारियों के निर्विरोध निर्वाचन से कर्मचारियों में भी उत्साह का माहौल है। अध्यक्ष बनने के बाद नावेद सिद्दीकी ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण व कंधे से कंधा मिलाकर काम करना प्राथमिकता है। डीएम के निर्देश का पालन कर कामकाज का बेहतर वातावरण बनाए रखना है।
