यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Moradabad CA हत्याकांड, कातिलों तक नहीं पहुंच सकी पुलिस, 5 दिन में 250 से अधिक करीबियों का खंगाला रिकार्ड
Moradabad News पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ खालीकई बिंदुओं पर चल रही पुलिस की जांच। अब तक पुलिस ...और पढ़ें

मुरादाबाद, जागरण टीम। मुरादाबाद के सीए श्वेताभ तिवारी के कातिलों तक पहुंचने के लिए पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। जांच में सीए के कई करीबी भी संदेह के घेरे में हैं। संपत्ति, पत्नी के आरोपों के अलावा अन्य कई बिंदु ऐसे भी हैं, जिनकी पुलिस गोपनीय छानबीन में जुटी है। काल डिटेल के आधार पर भी पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। करीब ढाई सौ लोगों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। पांच दिन बीत जाने के बावजूद भी तक नतीजा शून्य है।
पुलिस को नहीं मिल रहा हत्या का एंगल
वरिष्ठ सीए श्वेताभ तिवारी हत्याकांड में पुलिस को अभी तक कोई सही लाइन नहीं मिल सकी है। पुलिस एक साथ कई बिंदुओं पर एक साथ जांच कर रही है। पुलिस की जांच का सबसे प्रमुख बिंदु श्वेताभ का जमीन से जुड़ा कारोबार है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कौन-कौन उनके साथ जमीन का काम करता था। भूमि से संबंधित लोगों से पुलिस बुलाकर जानकारी भी जुटा रही है। बताया यह जा रहा है कि श्वेताभ से एनसीआर में गाजियाबाद, मेरठ आदि के कारोबारी भी जुड़े हुए थे। मुरादाबाद मंडल और उसके आस पास कोई ऐसा जिला नहीं है, जहां उनकी पहचान नहीं थी। इस मामले में पूछताछ के लिए उद्यमियों को बुलाना भी पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है।
करीबी कर रहे पुलिस का सहयोग
श्वेताभ के करीबी दोस्त पुलिस का सहयोग कर रहे हैं। लेकिन श्वेताभ के कई करीबी तो पुलिस के बार-बार बुलाने से परेशान हैं। एक करीबी तो अधिवक्ता की मदद लेने की तैयारी में हैं। स्वजन से भी पुलिस को कुछ सुराग नहीं मिला है। 24 घंटे से चल रही है कार्यालय की छानबीनएसपी सिटी अखिलेश भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस की टीम 24 घंटे से दिल्ली रोड स्थित सीए श्वेताभ तिवारी के कार्यालय में छानबीन कर रही है। सभी कागजात की जांच के लिए पीडीएफ बनाई जा रही है।
टोला प्लाजा के फुटेज भी खंगाले
पुलिस श्वेताभ तिवारी के हत्यारों तक पहुंचने के लिए टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। जोया के पास टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस ने चेक किए हैं। मूंढापांडे के पास के टोल प्लाजा के फुटेज भी देख लिए गए हैं लेकिन, अभी तक यहां से भी पुलिस को कोई लाइन नहीं मिल सकी है।
क्लाइंटों की फाइलें खंगाली
सीए श्वेताभ तिवारी के दफ्तर में पुलिस और फोरेंसिक टीम पिछले दो दिन में 250 फाइलों का सर्वे कर चुकी हैं। इस दौरान ये भी बात सामने आई है कि सीए के निर्यातक, डाक्टरों के अलावा मेंथा और मीट कारोबारी भी क्लाइंट थे। इसके अलावा सीए के मोबाइल से मिले 500 नंबरों को फिल्टर किया जा रहा है। सिविल लाइंस के साईं गार्डन निवासी श्वेताभ तिवारी की पंद्रह फरवरी की रात करीब नौ बजे दिल्ली रोड पर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
दफ्तर तक सिमट गई जांच
सीए हत्याकांड की जांच श्वेताभ तिवारी के दफ्तर में ही सिमट कर रह गई है। पिछले दो दिन से पुलिस टीमें स्टाफ, पार्टनर, करीबियों और क्लाइंटों से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा फोरेंसिक टीम और सीए की टीम फाइलों का सर्वे कर रही हैं। उनका कंप्यूटर, लैपटाप और अन्य दस्तावेज खंगाल में जुटी हैं। एक टीम फाइल का सर्वे करती है तो दूसरी टीम फोन पर क्लाइंट से बातचीत करती है। जरूरत पड़ने पर कुछ को दफ्तर भी बुलाया जा रहा है।
करीब ढाई सौ लोगों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज से भी कुछ खास नहीं मिला है। फुटेज में किसी हत्यारोपित का चेहरा साफ नहीं दिखाई दे रहा है। एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया टीमों के साथ लगे हुए हैं। अभी तक कुछ नहीं मिला है। जांच चल रही है। टीमें मेहनत कर रही हैं, उम्मीद है कुछ मिलेगा। हेमराज मीना, एसएसपी
