मुरादाबाद में ‘सड़क’ बेचने वाले निगम अफसर बैकफुट पर: व्यापारियों के भारी विरोध के बाद बुध बाजार का ठेका निरस्त
मुरादाबाद नगर निगम ने बुध बाजार में सड़क पर पार्किंग का ठेका दिया था, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानी ...और पढ़ें

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HighLights
पार्किंग की व्यवस्था के बजाय सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहनों को निगम ने बनाया था कमाई का जरिया
एक सितंबर से लागू हुई थी व्यवस्था, व्यापारियों के आंदोलन के बाद आनन-फानन में बदला गया फैसला
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मुरादाबाद में सड़क बिक गई। हैरान करने वाला यह कारनामा कर दिखाया मुरादाबाद नगर निगम के अफसरों ने। विकास कार्यों मेंं नंबर-एक का दावा करने वाले निगम की ओर से सड़क बेचने का भी प्रदेश का शायद यह पहला वाक्या है। पार्किंग की व्यवस्था के बजाय सड़क किनारे खड़े वाहनों को ही कमाई का जरिया बनाने वाले निगम अफसर व्यापारियों के विरोध के बाद 11वें दिन ही बैकफुट पर आ गए।
आनन-फानन में बेची गई बुध बाजार रोड का सौदा निरस्त कर दिया। मतलब सड़क पर पार्किंग के लिए किया गया ठेका निरस्त कर दिया। यह कहानी केवल बुध बाजार रोड तक ही सीमित नहीं है।
फव्वारा चौक, कंपनी बाग में स्वनिधि गलियारा के पास की सड़क व फुटपाथ का सौदा भी किया जा चुका है। अब यह देखना है कि बुध बाजार की तरह दोनों सौदे भी रद्द होगा या उसे कमाई का जरिया बनाए रखा जाएगा।

बुध बाजार, फव्वारा चौक, कंपनी बाग में स्वनिधि गलियारा के पास व प्रिंस रोड के पास निगम ने पार्किंग का 21 लाख 12 हजार में ठेका किया था। एक सितंबर से सभी जगह वसूली शुरू हो गई।
एक घंटे बाइक खड़ी करने पर 20 रुपये, कार के 40, तीन पहिया के 30 रुपये वसूले जाने लगे। बुध बाजार शहर का मुख्य बाजार है। दिनभर यहां ग्राहकों का आना-जाना रहता है।
ऐसे में ग्राहक खरीदारी के लिए दुकान तक पहुंचते कि उनसे पहले ही पार्किंग के नाम पर वसूली की जाने लगी। इसका ग्राहक विरोध दर्ज कराने लगे। दुकानदारों की दुकानदारी प्रभावित होने लगी। इसके बाद व्यापारी सड़क पर उतर आए। विरोध शुरू कर दिया।
पार्किंग का ठेका निरस्त ना होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। मामला बिगड़ते देख डैमेज कंट्रोल पर काम शुरू हुआ। शुक्रवार को व्यापारी महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला के साथ महापौर विनोद अग्रवाल के पास पहुंचे।
सभी ने एक स्वर में वसूली का विरोध किया। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पार्किंग के नाम पर वसूली नहीं हुई तो व्यापारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इसके बाद पार्किंग का ठेका निरस्त करने की सहमति बनी व्यापारियों ने यह भी कहा कि बाजार में वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था यातायात पुलिस करे।
व्यापारी हरसंभव सहयोग करेंगे। जिससे बाजार में जाम की स्थिति न बने और अतिक्रमण भी रोका जा सके। वार्ता में विजय मदान, नितिन राज, अजय नारंग, विपिन गुप्ता समेत अन्य व्यापारी शामिल रहे।
शर्म है कि आती नहीं...व्यापारियों की लड़ाई, जीत बता रहे भाजपाई
एक सितंबर से पार्किंग के नाम पर वसूली से परेशान व्यापारियों की लड़ाई का हल 11वें दिन निकला। हर दिन वह मोर्चे पर डटे रहे। तब जाकर उनकी सुनी गई।
हैरानी की बात यह कि पार्किंग ठेका निरस्त होने के बाद भाजपाई श्रेय लेने की होड़ में लग गए। भाजपाई की ओर से दावा किया जाना लगा कि हमारे हस्तक्षेप से पार्किंग का ठेका निरस्त हुआ है। सवाल यह है कि ठेका हुआ ही क्यों?
यदि ठेका हुआ तो किस भाजपाई ने विरोध किया? कहानी यहां तक नहीं है। बेची गईं अन्य सड़कों का ठेका निरस्त कब होगा? यह सवाल किसी भाजपाई के पास नहीं है? जिसके बाद से व्यापारी भी अंदरखाने कह रहे हैं कि शर्म है कि आती नहीं।
बुध बाजार में पार्किंग के ठेके को निरस्त कर दिया गया है। यातायात पुलिस को पत्र लिखकर बाजार में वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा जाएगा। व्यापारी भी व्यवस्था बनाने में सहयोग करेंगे।
- विनोद अग्रवाल, महापौर
व्यापारियों के साथ हुई वार्ता में बुधबाजार की पार्किंग का ठेका निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। व्यापारियों के इंपीरियल तिराहा व वर्मा सेल कंपनी परिसर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
- दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त
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