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मच्छरदानी में सो रहा था युवक, सुबह 4 बजे खूंखार बंदर ने अंदर घुसकर किया हमला; 10 लोग घायल

Published: Tue, 20 Oct 2026 03:04 PM (IST)

मुरादाबाद के डिलारी क्षेत्र में बंदरों का आतंक बढ़ गया है, जहां एक उत्पाती बंदर ने मच्छरदानी में सो रहे ...और पढ़ें

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HighLights

  1. तेंदुए के आतंक के बीच अब बंदर का हमला, एसडीएम से पकड़वाने की मां

संवाद सूत्र, डिलारी (मुरादाबाद)। मुरादाबाद में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कहीं बंदर राहगीरों पर हमला कर रहे हैं तो कहीं घरों में घुसकर लोगों को घायल कर रहे हैं। डिलारी क्षेत्र के बढ़ेरा गांव में सोमवार को एक उत्पाती बंदर ने ऐसा आतंक मचाया कि ग्रामीणों में दहशत फैल गई। बंदर ने मच्छरदानी में सो रहे युवक यामीन समेत 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया।

लगातार हो रहे हमलों से लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदर को पकड़वाने की मांग की है। वहीं, जिला अस्पताल में भी प्रतिदिन बंदरों के हमले से घायल आठ से 10 मरीज एंटी रेबीज लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं।

नगर निगम की ओर से भी बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान कुछ दिन के बाद बंद कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, यामीन रविवार रात अपने घर में मच्छरदानी लगाकर सो रहे थे।

सोमवार सुबह करीब चार बजे एक बंदर मच्छरदानी के अंदर घुस गया और उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से यामीन की नींद खुल गई। उन्होंने शोर मचाया तो बंदर वहां से भाग निकला।

इसके बाद बंदर ने गांव में उत्पात मचाना शुरू कर दिया। उसने फिरासत, भूप सिंह, दानिश, सतपाल, नरगिस, सुनीता, महजबी, दिलशाद और रामावतार पर हमला कर उन्हें भी काटकर घायल कर दिया।

एक ही बंदर के लगातार हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों के अनुसार, बंदर सामने आने वाले लोगों को निशाना बना रहा है। ऐसे में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

लोग जरूरी काम से भी घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। घायलों को जिला अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों में उपचार दिलाया जा रहा है। ग्रामीण हशमत अली, नौशाद, विरासत, अहमद हसन, जहांगीर, रिफाकत, सलामत और महफूज ने बताया कि क्षेत्र में पहले से ही तेंदुए की दहशत बनी हुई है।

अब बंदर के हमलों ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों ने फोन पर ठाकुरद्वारा एसडीएम को घटना की जानकारी देकर बंदर को पकड़वाने की मांग की। आरोप है कि देर शाम तक गांव में कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था।

ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर किसी बड़ी घटना की आशंका जताई है। एसडीएम अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि अभी मैं मीटिंग में हूं। मीटिंग से फ्री होने के बाद बताता हूं।

 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। बंदरों के हमले से जख्मी प्रतिदिन आठ से 10 मरीज पहुंच रहे हैं।

- डाॅ. कुलदीप सिंह, सीएमओ


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