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मुरादाबाद में हैरान करने वाला केस: 28 दिन के नवजात के पेट में पल रहा था भ्रूण, डॉक्टरों ने सर्जरी कर बचाई जान

Published: Thu, 17 Sep 2026 02:51 PM (IST)

मुरादाबाद में 28 दिन के नवजात के पेट से 'फीटस इन फीटू' नामक दुर्लभ भ्रूण जैसी संरचना को सफल सर्जरी ...और पढ़ें

एआई इमेज है।

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जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। चिकित्सा क्षेत्र में दुर्लभ माने जाने वाले फीटस इन फीटू का मामला मुरादाबाद में सामने आया है। महज 28 दिन के नवजात के पेट में भ्रूण जैसी संरचना थी। जांच में पेट के अंदर बड़ी गांठ के साथ वसा, मुलायम ऊतक और हड्डियों जैसी संरचनाएं दिखाई दीं।

एक लंबी हड्डी जैसी संरचना मिलने के बाद चिकित्सकों ने फीटस इन फीटू की आशंका जताई। बाल रोग सर्जन एवं पीडियाट्रिक यूरोलाजिस्ट डाॅ. रघु प्रकाश ने विशेषज्ञ टीम के साथ सफल ऑपरेशन कर इस संरचना को बाहर निकाला।

चिकित्सक के अनुसार, फीटस इन फीटू एक अत्यंत दुर्लभ जन्मजात स्थिति है, जिसमें एक भ्रूण दूसरे भ्रूण के शरीर के अंदर विकसित होने लगता है। चिकित्सकीय दृष्टि से इसे परजीवी जुड़वां (पेरासिटिक ट्विंस) से जुड़ी स्थिति माना जाता है।

यह सामान्य गर्भावस्था में होने वाले जुड़वां बच्चों की तरह अलग-अलग विकसित नहीं होता, बल्कि गर्भावस्था के शुरुआती चरण में भ्रूणों के असामान्य विकास की वजह से एक भ्रूण दूसरे के शरीर में समाहित हो जाता है।

चिकित्सक के अनुसार, इस वजह से पेट में दबाव, पेट फूलना, उल्टी, दूध पीने में परेशानी, सांस लेने में दिक्कत या आंत और आसपास के अंगों पर दबाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

कई मामलों में यह जन्म के समय या नवजात अवस्था में पेट में गांठ के रूप में सामने आता है। हालांकि हर मामले में लक्षण एक जैसे नहीं होते। उन्होंने बताया कि चिकित्सकीय साहित्य में इसकी अनुमानित दर करीब पांच लाख जीवित जन्म में एक बताई गई है।

नवजात की बेहद कम उम्र के कारण सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डाॅ. प्रियल गुप्ता ने सुरक्षित बेहोशी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आपरेशन के बाद नवजात की हालत में लगातार सुधार हुआ।

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