रामपुर, जागरण संवाददाता। The dark truth of Jauhar University: समाजवादी पार्टी के दिग्‍गज नेता और विधायक आजम खां (Azam Khan) का ड्रीम प्रोजेक्‍ट है जौहर यूनिवर्सिटी (Jauhar University)। आजम इस यूनिवर्सिटी के संस्‍थापक और कुलाधिपति भी हैं। हालांकि, इन दिनों यह यूनिवर्सिटी काले कारनामों की वजह से चर्चा में हैं। यहां मरदसा आलिया से चोरी की गईं किताबें और अलमारियां बरामद हुईं। साथ ही रामायण और कुरआन जैसे धर्मग्रंथ भी मिले हैं, जिन्‍हें अलमारियों के साथ दीवार में चुनवा दिया गया था। इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी में चोरी का सामान बरामद होने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि इस यूनिवर्सिटी में और क्‍या-क्‍या दफन है। सुनने में यह भले ही अजीब लगे लेकिन, जौहर यूनिवर्सिटी (Jauhar University) में दफन इन काले कारनमों का राज खुला जुआ खेलते वायरल हुए एक वीडियो से। इस खबर में हम आपको बताएंगे कि कैसे एक वीडियो ने जौहर यूनिवर्सिटी का कच्‍चा चिट्ठा  बाहर ला दिया। 

दो माह पहले वायरल हुआ था जुआ खेलने का वीडियो

करीब दो माह पहले जुआ खेलते युवाओं का वीडियो वायरल हुआ था। तब पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने वीडियो में दिखने वाले युवाओं को शहर विधायक आजम खां के बेटे विधायक अब्दुल्ला आजम का मित्र बताया था। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी पंजीकृत कर की और आरोपितों की तलाश शुरू की। पुलिस को दो माह बाद 18 सितंबर को सफलता मिली और जुआ खेलने वाले दो युवकों सालिम और अनवार को गिरफ्तार कर लिया। 

ईडी ने भी रामपुर पहुंचकर की पूछताछ

अनवार और सालिम से पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो पता चला कि दोनों अब्‍दुल्‍ला आजम के दोस्‍त हैं। साथ ही दोनों आरोपितों ने यह भी बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी में कई राज दफन हैं। पुलिस की पूछताछ के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए कि इनके द्वारा अवैध तरीके से बड़ी रकम जुटाई गई है। इनकी और इनके स्वजन की कई कंस्ट्रक्शन कंपनियां हैं। इसपर पुलिस ने ईडी को भी सूचित कर दिया। इसके बाद ईडी की टीम लखनऊ से रामपुर पहुंची और दोनों आरोपितों से पूछताछ की। आजम खां के खिलाफ ईडी पहले ही जांच कर रही है। 

यूनिवर्सिटी से बरामद हुई सफाई मशीन 

दूसरी ओर अब्‍दुल्‍ला के दोस्‍तों ने पुलिस पूछताछ के दौरान यह भी बताया कि नगर पालिका की सफाई करने की मशीन जौहर यूनिवर्सिटी में दबा रखी गया है। इसके बाद पुलिस ने जौहर यूनिवर्सिटी में खोदाई कराई, जिसमें सफाई मशीन के कई पार्ट बरामद हुए, जिनका वजन कई क्विंटल में था। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को कोर्ट से रिमांड पर लिया और गहन पूछताछ शुरू की। तब अब्‍दुल्‍ला के दोस्‍तो अनवार और सालिम ने जौहर यूनिवर्सिटी में दफन राज उगलने शुरू किए। दोनों ने बताया कि यूनिवर्सिटी में मदरसा आलिया से चोरी की गई किताबें रखीं हैं। 

सफाई मशीन बरामद होने पर दर्ज हुआ एक और मुकदमा

जौहर यूनिवर्सिटी से सफाई मशीन बरामद होने पर आजम खां और उनके बेटे विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ एक और प्राथमिकी पंजीकृत हुई। पुलिस ने टुकड़ो में मशीन बरामद करने के बाद यूनिवर्सिटी के उप कुलपति स्वर्गीय सुल्तान मुहम्मद खान, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां और अब्दुल्ला  के दोस्त अनवार, सालिम व तालिब को नामजद किया।

यूनिवर्सिटी से बरामद हुईं मदरसा से चोरी की गईं किताबें   

अब्‍दुल्‍ला के दोस्‍तों की निशानदेही पर जौहर यूनिवर्सिटी से सफाई मशीन बरामद होने के बाद पुलिस ने जब और पूछताछ की तो मदरसा आलिया से चोरी की गईं किताबों का पता चला। उसके बाद पुलिस दोनों आरोपितों को लेकर जौहर यूनि‍वर्सिटी पहुंची तो मेडिकल कालेज की इमारत से मदरसा आलिया की किताबें बरामद हुईं।किताबें चोरी का अभियोग 2019 में पंजीकृत किया गया था। तब जौहर यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी से कुछ किताबें बरामद की गई थीं। इस मामले में जौहर यूनिवर्सिटी के पांच कर्मचारियों को भी जेल भेजा गया था। इसमें आजम खां भी आरोपित हैं। अब इसमें अनवार व सालिम को भी आरोपित बनाया गया। 

दीवार में चुनवा दी गई थीं अलमारियां, तोड़कर निकाली गईं 

जौहर यूनिवर्सिटी से सफाई मशीन बरामद होने बाद जब दोनों आरोपितों ने बताया कि मदरसे चुराई हुईं अलमारियां दीवार में चुनवा दी गई हैं। इसके बाद दोनों आरेापितों के बताने पर पुलिस ने दीवार को तोड़वाया तो उसमें से तमाम अलमारियां और उनमें भरी किताबें मिलीं। मदरसा आलिया से चोरी हुई किताबों का जखीरा पुलिस ने आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी से बरामद किया। 

जौहर यूनिवर्सिटी से मिलीं पांच कुरआन और एक रामायण

जौहर यूनिवर्सिटी में सिर्फ पढ़ाई की किताबें ही नहीं चोरी किए गए हिंदू ओर मुस्लिम धर्म ग्रंथ भी मिले। धार्मिक ग्रंथों को पुलिस ने सम्‍मान के साथ कोर्ट में पेश किया। धर्मगुरु इन्हें अपने सिर पर रखकर ले कोर्ट ले गए। इनमें पांच कुरआन और एक रामायण थी। कोर्ट ने पुलिस द्वारा धार्मिक ग्रंथों के इस तरह सम्मान किए जाने की प्रशंसा की। कोर्ट ने पुस्‍तकों और धार्मिक ग्रंथों को अगले आदेश तक पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया।

जौहर यूनिवर्सिटी में लगी शेरों की प्रतिमा रामपुर क्लब की

अपर पुलिस अधीक्षक डा. संसार सिंह ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी में शेरों की प्रतिमा भी लगीं हैं। यह प्रतिमाएं रामपुर क्लब की बताई जाती हैं। हालांकि माजिद राजा ने इन्हें अपनी बताते हुए वापस लौटाए जाने की मांग की है। यूनिवर्सिटी के स्टोर कीपर का कहना है कि ये उनके रिकार्ड में नहीं हैं।

पुलिस ने कोर्ट से मांगी सर्च आपरेशन चलाने की अनुमति

जौहर यूनिवर्सिटी से चोरी का इतना सामान बरामद होने के बाद पुलिस को अंदेशा है कि इसमें अभी और सामान बरामद हो सकता है। इसके लिए पुलिस ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है। पुलिस के प्रार्थना पत्र के आधार पर कोर्ट ने डीएम को तीन मजिस्‍ट्रेट नियुक्‍त करने का आदेश दिया था। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ की ओर से मजिस्ट्रेट पैनल बनाने के लिए तीन अपर जिलाधिकारियों के नामों की सूची पेश की गई।

कोर्ट ने एडीएम फाइनेंस को बनाया प्रभारी

डीएम द्वारा कोर्ट को सौंपी गई सूची में अपर जिलाधिकारी प्रशासन लालता प्रसाद शाक्य, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व हेम सिंह और अपर जिलाधिकारी न्यायिक राम नारायण त्रिपाठी शामिल हैं। कोर्ट ने सर्च आपरेशन चलाए जाने से पहले यूनिवर्सिटी के किस हिस्से की जांच की जाएगी और पुलिस को वहां से क्या बरामदगी हो सकती है? आदि बिंदुओं पर जांच कर कर आख्या कोर्ट में प्रस्‍तुत करने को कहा है। इसके लिए कोर्ट ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व हेम सिंह को प्रभारी नियुक्त किया है। अदालत अब इस मामले में 26 सितंबर को सुनवाई करेगी। 

अभी सामने आएंगे कई चौंकाने वाले राज

एडीएम फाइनेंस पुलिस के साथ यूनिवर्सिटी का वह हिस्‍सा तलाशेंगे जहां से पुलिस सामान की बरामदगी कर सकती है। ऐसी संभावना है कि पुलिस को दोनों आरेापितों अनवार व सालिम से कोई पुख्‍ता जानकारी मिली है। उसकी आधार पर पुलिस यूनिवर्सिटी के उसी हिस्‍से की जांच कराना चाहती है। कुल मिलाकर अभी यूनिवर्सिटी में दबे कई राज बाहर आ सकते हैं। जैसे-जैसे जौहर यूनिवर्सिटी में दफल काले कारनामे सामने आएंगे वैसे-वैसे आजम खां की मुश्किलें भी बढ़ेंगी।

Edited By: Vivek Bajpai

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