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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Indian Railways : जम्मू से वाराणसी तक तेज रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें, लगाए जा रहे आधुन‍िक उपकरण

By Narendra KumarEdited By:
Published: Wed, 04 Aug 2021 08:34 AM (IST)

Railway train speed improvement तेज गति से ट्रेन चलाने के लिए सिग्नल सिस्टम स्टेशनों के प्वाइंट को ठीक करने या ...और पढ़ें

वर्ष 2023 से सौ के स्थान पर 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने का लक्ष्य।
वर्ष 2023 से सौ के स्थान पर 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने का लक्ष्य।

मुरादाबाद [प्रदीप चौरसिया]। जम्मू-मुरादाबाद-लखनऊ-वाराणसी रेल मार्ग पर तेज गति से ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत पुरानी रेलवे लाइनों को बदलने, सिग्नल आदि सिस्टम को ठीक करना शुरू कर दिया गया है। वर्ष 2023 से इस मार्ग पर सौ के स्थान पर 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेनों को चलाने का लक्ष्य है। इस कवायद से बंदे भारत जैसी तेज गति वाली ट्रेनों को चलाना संभव हो जाएगा।

देश के अधिकांश ए श्रेणी के मार्ग पर अभी ट्रेनें अधिकतम 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्‍पीड से चलती है। रेलवे ए श्रेणी मार्ग पर ट्रेनों को 160 किलो मीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाने का प्रयासरत है। कुछ मार्ग पर इस गति से ट्रेनों का संचालन शुरू भी हो चुका है। वर्तमान में बी श्रेणी के रेल मार्ग पर सौ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलती हैं। रेल प्रशासन का वर्ष 2023 तक बी श्रेणी मार्ग पर ट्रेनों को 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाने का लक्ष्य है। जम्मूतवी-अंबाला-सहारनपुर-मुरादाबाद-लखनऊ-वाराणसी रेल मार्ग बी श्रेणी में आते हैं।

आधुनिक स्‍लीपर लगाने के आदेश : उत्तर रेलवे मुख्यालय ने जम्मूतवी से वाराणसी तक बी श्रेणी के रेल मार्ग पर पुराने स्लीपर और रेलवे लाइन को हटाकर 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने में सहायक आधुनिक रेलवे लाइन और स्लीपर लगाने के आदेश द‍िए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष से यह काम शुरू भी हो गया है। मुरादाबाद रेल मंडल में बी श्रेणी रेल मार्ग सहारनपुर से लखनऊ तक 517 किलोमीटर है। मंडल रेल प्रशासन इस मार्ग पर अधिकांश स्थानों से पुरानी रेलवे लाइन और स्लीपर को बदल चुका है। अब तेज गति से ट्रेन चलाने के लिए सिग्नल सिस्टम, स्टेशनों के प्वाइंट को ठीक करने या बदलने का काम किया जा रहा है। 45 किलोमीटर रेल मार्ग को चालू वित्तीय वर्ष में बदला जाना है। इस मार्ग पर ट्रेनों की गति बढ़ जाने से बंदे भारत जैसी ट्रेनें भी वाराणसी-लखनऊ-मुरादाबाद- जम्मूतवी रेल मार्ग पर चलाई जा सकती हैं।

मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश ने कहा कि 2023 तक बी श्रेणी मार्ग पर ट्रेनों की गति बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रतिघंटा करने का लक्ष्य है। मुरादाबाद रेल मंडल प्रशासन सहारनपुर से लखनऊ के बीच अधिकांश स्थानों पर रेल मार्ग बदलने का काम कर चुका है। इसके साथ सिग्नल सिस्टम व प्वाइंटर सिस्टम में सुधार का काम किया जा रहा है। 

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