मुरादाबाद, जेएनएन। मंडल भर में ट्रेनों का संचालन करने के लिए कमांड सेंटर का निर्माण शुरू हो गया है। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरबीएनएल) चार मंजिला भवन बनाएगा। यहां से बैठकर अधिकारी मंडल में चलने वाली ट्रेनों की निगरानी कर पाएंगे।

डीआरएम आफिस में सौ साल से अधिक पुराना कंट्रोल रूम बना हुआ है। जहां कर्मियों के बैठने आदि की सुविधा नहीं है। पिछले साल कोरोना संक्रमण फैलने से कंट्रोल रूम में काम करने वाले कई कर्मचारी संक्रमित हो गए थे। यहां काम करने वाले कर्मियों ने कंट्रोल रूम में काम करने से इन्‍कार कर दिया था। कर्मियों को कहा था कि कंट्रोल रूम में 24 घंटे 365 दिन कर्मचारी काम करते हैं। लेकिन यहां कर्मचारियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। कर्मचारियों के बढ़ते विरोध के बाद पुराने कंट्रोल रूम को बंद कर दिया गया। खाली पड़े स्कूल भवन में अस्थायी कंट्रोल रूम बनाकर ट्रेन संचालन किया जा रहा है। अभी भी इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली ट्रेनों पर निगरानी के लिए इलेक्ट्रिक कंट्रोल रूम डीआरएम आफिस में बना हुआ है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों का कमांड सेंटर (कंट्रोल रूम) बनाने के लिए आरबीएनएल को आदेश द‍िए थे। डीआरएम आफिस के बगल में खाली पड़ी जमीन आरबीएनएल को कमांड सेंटर बनाने के लिए सौंप दिया गया है। यहां चार मंजिला भवन बनाया जाएगा। नीचे पार्किंग स्थल होगा। ऊपर की मंजिल पर ट्रेन संचालन व इलेक्ट्रिक इंजन का संचालन करने वाला कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। सभी विभाग के कर्मियों के बैठने की जगह के साथ अधिकारियों के लिए कांफ्रेंस रूम भी ही होगा। कमांड सेंटर में आधुनिक उपकरण लगाएंगे जाएंगे। इसके माध्‍यम से कमांड सेंटर में बैठे कर्मचारी या अधिकारी ट्रेन कहां चल रही है, इसकी जानकारी कर पाएंगे। डेढ़ साल में कमांड सेंटर तैयार करने के लिए आरबीएनएल की टीम ने काम शुरू कर दिया है। सहायक वाणिज्य प्रबंधक नरेश कुमार सिंह ने बताया कि कमांड सेंटर (कंट्रोल रूम) का नया भवन तैयार करने को एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है।

 

Edited By: Narendra Kumar