मुरादाबाद। देश की स्वतंत्रता के लिए लाखों क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर इस देश को आजादी दिलाई है।

शहर के जिगर कॉलोनी निवासी 90 वर्षीय भगतराम सरीन ने बताया कि अंग्रेजों के शासन में हमें घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता था। लेकिन जिस दिन देश अंग्रेजी हुकूमत के शासन से आजाद हुआ था,उस दिन जश्न मनाया गया था। 15 अगस्त की सुबह सबसे अलग थी। पूरे परिवार ने सुबह पूजा-अर्चना करने के बाद घंटे और शंख ध्वनि पूरे मोहल्ले में गूंज रही थी। मेरी उम्र लगभग 16 साल की थी। पहली बार मैं अपने साथियों के साथ घर से बाहर तिरंगा झंडा लेकर निकला था। शहर में जुलूस निकाला गया था। उस समय शहर के सबसे बड़े नेता स्व.दाऊ दयाल खन्ना के आवास में हजारों लोगों की भीड़ एकत्र हुई थी। सभी एक-दूसरे के गले लगकर देश आजाद होने की बधाई दे रहे थे। दिन में एक तरफ जहां होली जैसा माहौल था,वहीं रात में हर घर में दीए जलाकर दीवाली मनाई गई थी। पूरी रात लोगों ने घर में पटाखें फोड़े थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के नेतृत्व में देश आज प्रगति कर रहा है। जम्मू-कश्मीर में धारा-370 और राममंदिर की नींव रखकर प्रधानमंत्री देश को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है। साल 2020 का स्वतंत्रता दिवस सबसे अलग है।

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