टांडा (रामपुर) : सरकार ने तीन तलाक देने पर सख्त कानून बनाया है लेकिन, उसका भय लोगों पर नहीं दिख रहा है। नोकझोंक तो कभी मारपीट करने के बाद पति पत्नियों को तलाक दे रहे हैं। जिले में एक मामला दहेज की मांग पूरी नहीं करने पर तलाक देने का सामने आया है। पीडि़त महिला ने इस मामले में पति समेत सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

पंचायत के बाद ससुराल गई महिला 

मुहल्ला भीमापुरी निवासी नगमा ने बताया कि उसका निकाह वर्ष 2012 में मुहल्ला भव्वलपुरी निवासी मुहम्मद रियाज के साथ हुआ था। तभी से ससुराली दहेज की मांग करने लगे। बिना दहेज के वे विदा कराने को तैयार नहीं थे। पंचायत बैठी तो ससुराली ले जाने को तैयार हो गए। 

एक साल बाद फिर दहेज की मांग करने लगे ससुराली 

एक साल बाद मार्च 2013 में विदाई हुई। इसके कुछ दिन बाद फिर से दहेज की मांग की जाने लगी। इस बीच उसने एक बेटे को जन्म दिया। अक्टूबर 2014 को सास, ससुर ने 50 हजार रुपये लाने की बात कहकर उसे घर से निकाल दिया। महिला थाने में शिकायत की तो ससुरालियों ने दिखावे के लिए किराये के मकान में रख दिया लेकिन, पति साथ नहीं रहता था। उसने सिलाई का काम शुरू कर दिया। 

पति व ससुरालियों पर लगाया मारपीट का आरोप

26 नवंबर-19 की शाम सात बजे  पति मुहम्मद रियाज, सास, ससुर आए और बिना किसी बात के मारपीट करने लगे। इस बीच वहां पहुंचे भाई वसीम और पड़ोसी ने उसे बचाया, तभी पति ने  तीन बार तलाक बोल दिया। विरोध पर भाई वसीम की पिटाई की और उसे बच्चे के साथ घसीटकर घर से निकाल दिया। महिला ने पति रियाज, ससुर अब्दुल वहीद, सास साबरी, देवर जसीम अहमद, ननद महनाज, ननदोई इरफान अहमद, ननद रुकैया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। 

Posted By: Narendra Kumar

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