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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब्दुल्ला पर अपना दल प्रत्याशी हैदर अली ने लगाए गंभीर आरोप, कहा- सपा के गुंडे कर सकते हैं मेरी हत्या

By Samanvay PandeyEdited By:
Published: Mon, 31 Jan 2022 12:28 PM (IST)Updated: Mon, 31 Jan 2022 03:38 PM (IST)

UP Election 2022 भाजपा गठबंधन दल अपना दल के प्रत्याशी हैदर अली खान उर्फ हमजा मियां ने कहा कि सांसद ...और पढ़ें

UP Chunav 2022 : मिक्की मियां की मौत की सीबीआई जांच कराए सरकार
UP Chunav 2022 : मिक्की मियां की मौत की सीबीआई जांच कराए सरकार

रामपुर, जेएनएन। UP Vidhan Sabha Election 2022 : भाजपा गठबंधन दल अपना दल के प्रत्याशी हैदर अली खान उर्फ हमजा मियां ने कहा कि सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम और सपा के गुंडे उनकी हत्या करा सकते हैं। 30 साल पहले उनके दादा मिक्की मियां की सड़क हादसे में मौत हुई थी। हमें पता चला है कि उनकी हादसे में मौत नहीं, बल्कि हत्या कराई गई थी। इसकी सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। नवाब खानदान के हमजा मियां स्वार-टांडा सीट से अपना दल के प्रत्याशी हैं, जबकि आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम उनके मुकाबले सपा प्रत्याशी हैं।

रविवार को अब्दुल्ला ने मीडिया से वार्ता के दौरान अपनी हत्या की आशंका जताई थी। सोमवार सुबह अखबारों में खबर पढ़ते ही मीडिया से वार्ता की। इस दौरान कहा कि अब्दुल्ला की नहीं, बल्कि मेरी जान को खतरा है। मेरे दादा मिक्की मियां की भी सड़क हादसे में मौत हुई थी, जिस ट्रक से हादसा हुआ, वह चोरी का था। उनकी मौत का फायदा आजम खां को हुआ। इसलिए हमें लगता है कि उनकी हत्या कराई गई। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। रामपुर में अधिकारियों पर सपा के गुंडे दबाव बना रहे हैं। स्वार सीट के आरओ बने उप जिलाधिकारी ने दबाव में आकर नामांकन पत्र स्वीकार करने की रिपोर्ट टाइम से पहले ही दे दी।

तीन बजे तक आपत्ति दाखिल करनी थी, लेकिन उन्होंने 11:30 बजे ही नामांकन पत्र सही होने की रिपोर्ट दे दी। हमने उनकी शिकायत भी की है। सपा शासनकाल में रामपुर के लोगों पर बहुत जुल्म हुए। बेकसूर लोगों को चरस और स्मैक में जेल भेजा गया। एनकाउंटर के नाम पर लोगों को मार डाला गया। इन सब मामलों की सीबीआई जांच होनी चाहिए । रामपुर में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जानी चाहिए। ऐसे स्पेशल अधिकारियों को लगाया जाए जो उत्तर प्रदेश से बाहर के हों।