यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Moradabad News: हिंदू कालेज में बुर्का पहनकर आईं छात्राओं को नहीं दिया प्रवेश, धरना देकर जताया विरोध
Moradabad News एक जनवरी से लागू ड्रेस पहनकर आना किया गया है अनिवार्य। बुर्का पहनकर पहुंचीं छात्राओं को रोका तो ...और पढ़ें

मुरादाबाद, जागरण टीम। हिंदू कालेज में यूनिफार्म में आना अनिवार्य कर दिया है। सर्दियों के अवकाश के बाद विद्यालय खुलने के साथ ही इस आदेश का अनुपालन कराया जाने लगा। विद्यार्थियों को लगातार टोका-टाकी के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बिना ड्रेस के ही कालेज पहुंच रहे थे। इसके चलते साेमवार से बिना यूनिफार्म के कालेज आने वाले छात्र-छात्राओं के महाविद्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी गई।
ड्रेस पहनकर आने के लिए बोला था
बुधवार को छात्राएं बुर्का पहनकर कालेज पहुंच गईं। गेट पर उपस्थित नियंता दल के सदस्यों ड्रेस पहनकर आने वाले छात्र-छात्राओं को ही कालेज में प्रवेश दे रहे थे जब उन्होंने बुर्का पहनकर कालेज पहुंचीं छात्राओं से ड्रेस में आने के लिए कहा तो वह विरोध करने लगी। इस दौरान महिला प्रोफेसर ने उनसे बिना बुर्का के केवल ड्रेस में आने के लिए कहा तो वह उनसे बहस करने लगीं।
छात्राओं का कहना था कि यह उनका अधिकार
छात्राओं का कहना था कि यह उनका अधिकार है और वह बुर्का पहनकर आती रही हैं और इसे पहनकर कालेज आएंगी। नियंता दल ने चीफ प्राक्टर को बुलाने के साथ ही उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद छात्राएं कालेज मुख्य गेट के अंदर बने दूसरे गेट पर जाकर धरने पर बैठ गईं। इस दौरान कुछ छात्राओं ने चीफ प्राक्टर और अन्य शिक्षकों के साथ भी बहस की। काफी देर तक नोकझोंक होती रही। कालेज प्रशासन ने प्रवेश देने से स्पष्ट मना कर दिया।
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यह बिना तर्क इस बात को तूल दिया गया है। दो महीने पहले ही घोषणा कर दी गई थी कि एक जनवरी से विद्यालय में ड्रेस पहनकर आना अनिवार्य है तो यह नियम सभी के लिए लागू है। कालेज प्रशासन के निर्णय सभी को मानना चाहिए। व्यवस्था खराब करने की किसी को छूट नहीं दी जाएगी। - डा. एपी सिंह चीफ प्राक्टर, हिंदू कालेज
