विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुरादाबाद की कालोनियों से रोज नहीं उठता कूड़ा, पोर्टल पर शिकायत की तो कूड़ेदान ही उठा ले गए सफाई कर्मी

By Samanvay PandeyEdited By:
Published: Wed, 24 Nov 2021 05:42 PM (IST)

Garbage not clean daily in Moradabad स्वच्छता को लेकर मुरादाबाद ने सुधार किया पर कुछ क्षेत्र ऐसे रह गए जहां ...और पढ़ें

पाश कालोनियों के साथ ही घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी स्थिति पूरी तरह खराब है।
पाश कालोनियों के साथ ही घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी स्थिति पूरी तरह खराब है।

मुरादाबाद, जेएनएन। Garbage not clean daily in Moradabad : स्वच्छता को लेकर मुरादाबाद ने सुधार किया, पर कुछ क्षेत्र ऐसे रह गए, जहां सुधार के नाम पर खानापूर्ति हुई है। इन क्षेत्रों में जागरूकता के अभाव में लोगों से भी सहयोग नहीं मिला। ऐसे में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। आज भी इन क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं, फिर भी सुधार नहीं हो रहा है। पाश कालोनियों के साथ ही घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी स्थिति पूरी तरह खराब है। शहर की तकरीबन 12 लाख की आबादी को 70 वार्डों में बांटा गया है।

सफाई की व्यवस्था के लिए 2,300 सफाई कर्मचारी हैं। 106 वाहनों से शहरभर का कचरा उठाने की जिम्मेदारी है। चार अनुबंधित कंपनियों के कर्मचारी सभी वार्डों में सुबह में कचरा लेने के लिए जाते हैं। लेकिन, 129924 मकानें में आधे से भी कम लोग वाहनों को कचरा देते हैं। लोग चंद रुपये बचाने के लिए सड़क या कूड़ाघर पर कचरा फेंक जाते हैं। लोगों की यह आदत हमें दूसरे जनपदों से स्वच्छता की रैंकिंग में पीछे कर रही है। आइये हम अपनी इस आदत को बदलें और अपने जिले को पूरे देश में माडल बनाने का संकल्प लें।

शिकायत पर उठा ले गए कूड़ेदानः मानसरोवर कालोनी के शास्त्री नगर में तीन दिन से कचरा नहीं उठा था। कूड़ेदान फुल होने की वजह से लोगों ने शिकायत भी की। थक हारकर जब क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की तो अगले ही दिन सफाई कर्मचारी पहुंचे। शिकायतकर्ता से बात की। कर्मचारी बोले आपने शिकायत की थी। लिखकर दे दो। सब काम ठीक हो गया। शिकायतकर्ता ने कहा नियमित कार्य होना चाहिए। इसके अगले दिन सुबह में जब क्षेत्र के लोग कूड़ेदान में कचरा फेंकने के लिए गए तो वहां से कूड़ेदान गायब हो गया। कर्मचारी वहां से कुड़ेदान लेकर चले गए थे। तब से वहां यही स्थिति बनी हुई है।