मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। वर्ष 2014 में कांठ बवाल के कारण बीस घंटे तक मुरादाबाद-सहारनपुर रेल मार्ग पर ट्रेन संचालन बंद रहा था। बवाल करने वालों ने चालक व सहायक चालक को दो घंटे तक बंधक बनाया था। कांठ बवाल रेलवे स्टेशन पर हुआ था। प्लेटफार्म पर फोर्स व प्रशासनिक अधिकारी खड़े थे, दूसरे ओर खेत में बवाल करने वालों की भीड़ खड़ी थी।

चार जुलाई को दोपहर दो बजे पथराव शुरू हो गया और रेल प्रशासन ने मुरादाबाद सहारनपुर रेल मार्ग पर ट्रेन संचालन बंद कर दिया था। उसी समय खाद्यान्न लेकर मालगाड़ी सहानपुर से मुरादाबाद आ रही थी, कांठ स्टेशन के आउटर सिग्नल पर खड़ी हो गई थी। सिग्नल पर भी काफी भीड़ लगी हुई थी। मालगाड़ी के चालक अजय शर्मा व सहायक चालक राजकुमार ने कंट्रोल रूम की सूचना पर इंजन बंद कर दिया था, इंजन बंद होने से मालगाड़ी थोड़ी आगे बढ़ गई। इंजन के आगे बढ़ते ही भीड़ ने इंजन पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें चालक व सहायक चालक घायल हो गए थे। भीड़ ने चालक व सहायक चालक को बंधक बनाकर खेत में ले जाकर बैठा दिया था। पुलिस ने दो घंटे के बाद चालक व सहायक चालक को छुड़ाया था और मालगाड़ी को मुरादाबाद भेजा था। चोटिल चालक को रेलवे अस्पताल में भर्ती नहीं करने पर यूनियन के नेताओं ने हंगामा किया था, उसके बाद चालक को भर्ती किया गया था। इस घटना के बीस घंटे बाद जिला प्रशासन ने रेल प्रशासन को ट्रेन चलाने के लिए लिखित पत्र दिया था। उसके बाद मुरादाबाद सहारनपुर के बीच ट्रेनों का संचालन शुरू किया था। जिससे 26 ट्रेनों को बदले मार्ग से चलाया गया था।

 

Edited By: Narendra Kumar