विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुरादाबाद के प्रमुख बाजार में इस सुविधा के नहीं होने से महिलाओं को होती है परेशानी, नगर निगम नहीं कर रहा व्यवस्था

By Samanvay PandeyEdited By:
Published: Tue, 23 Nov 2021 03:10 PM (IST)

Facility in market of Moradabad सोना चांदी कपड़ा इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद जूते और अन्य तमाम सामान की खरीदारी के लिए शहर ...और पढ़ें

प्रतिदिन लाखों की आबादी सुबह से शाम तक करती है खरीदारी
प्रतिदिन लाखों की आबादी सुबह से शाम तक करती है खरीदारी

मुरादाबाद, जेएनएन। Facility in market of Moradabad : सोना, चांदी, कपड़ा, इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद, जूते और अन्य तमाम सामान की खरीदारी के लिए शहर और आसपास की महिलाएं शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी के लिए आती हैं। बाहर से आने वाली महिलाओं को तो पूरा दिन ही बाजार में लग जाता है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये की खरीदारी के बाद भी बाजार में एक भी पिंक शौचालय नहीं है। नगर निगम के दावे हवा-हवाई साबित हो चुके हैं। हम इंदौर से तुलना तो कर रहे हैं लेकिन, जरा सी लापरवाही की वजह से महिलाओं को बाजार में बने मकानों में जाना पड़ जाता है। स्थिति बहुत खराब है। पुराने शहर के बाजार की स्थिति यह है सुबह से शाम तक महिलाओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ जाता है। इसके कारण नगर निगम मुरादाबाद को 1800 में से मात्र 500 अंक मिले। इन व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए तो स्थिति बेहतर हो सकती है।

बाजार शौचालय

मंडी चौक नहीं

बर्तन बाजार नहीं

अमरोहा गेट नहीं

चौमुखापुल नहीं

रेती स्ट्रीट नहीं

टाउनहाल है

बाजार गंज नहीं

जीएमडी रोड है

बुधबाजार रोड है

हर पांच मिनट में लगता है जामः प्रमुख बाजार के हालात ये हैं कि हर पांच मिनट में जाम की स्थिति बन जाती है। अमरोहा गेट, चौमुखापुल, टाउनहाल आदि बाजार में जाम की स्थिति बन जाती है। हालात ये हैं कि वाहनों के खड़ा करने की भी जगह नहीं है। दुपहिया और चौपहिया वाहनों के खड़े करने के लिए भी हमारे पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। बाजार गंज, टाउन हाल, चौमुखा पुल, कटरा नाज, बर्तन बाजार, मंडी चौक मुरादाबाद के प्रमुख बाजार हैं। इन बाजारों में खरीदारी के लिए हर दिन हजारों पुरुष व महिलाएं बाजार पहुंचते हैं। पहले यहां मूत्रालय थे ही नहीं, स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए गए शौचालयों का निर्माण जोर शोर से हुआ। लेकिन, इनके रख रखाव को लेकर सवाल उठते रहे। सर्वेक्षण के दौरान इनकी मरम्मत और साफ सफाई कर दी जाती है। वहीं, अभी तक प्रमुख बाजारों में मूत्रालय नहीं होने से महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ती है।