मुरादाबाद(प्रदीप चौरसिया)। अब जुगाड़ या दलाल से ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं बन सकेगा। कम्प्यूटर आपका और गाड़ी का परीक्षण कर लेगा। इसके बाद आपका प्रमाणपत्र जारी होगा।

मांगी गई है जमीन

परिवहन विभाग ने ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक और वाहन फिटनेस इंस्पेक्शन एवं सर्टिफिकेशन सेंटर बनाने के लिए जिला प्रशासन से साढ़े तीन एकड़ जमीन मांगी गई है।

भ्रष्टाचार को कम करने की कवायद

सरकार परिवहन विभाग से भ्रष्टाचार के साथ कम मानव संसाधन से अधिक कम करने की व्यवस्था करने की योजना तैयार किया है। डिजिटल सिस्टम, अत्याधुनिक कैमरा व मशीन को माध्यम बनाने जा रहा है। यह सिस्टम इंटरनेट व सेटेलाइट के द्वारा परिवहन विभाग के मुख्य सर्वर से जुड़ा होगा। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने या फिटनेस के लिए सिस्टम से सामने गाड़ी चलाना होगा। सिस्टम कुछ मिनट में जांच रिपोर्ट स्वत: मुख्य सर्वर को भेज देगा। इसमें परिवहन विभाग के कर्मचारी या अधिकारी किसी तरह के हस्तक्षेप नहीं कर पाएंगे। मानक को पूरा करे वालों का स्वत: ड्राइविंग लाइसेंस व फिटनेस प्रमाण पत्र तैयार हो जाएगा और एसएमएस से सूचना भेज दिया जाएगा।

प्रत्येक जिले में खुले सेंटर

सरकार ने प्रत्येक जिले में ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक और वाहन फिटनेस इंस्पेक्शन एवं सर्टिफिकेशन सेंटर प्रत्येक जिला में खोलने जा रहा है। प्रत्येक जिले में पांच करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। किसी काम के आवेदन के परिवहन विभाग आने की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदक को आन लाइन आवेदन करना पड़ेगा और शुल्क जमा करना पड़ेगा। सिस्टम से द्वारा निर्धारित तारीख व समय पर आवेदक को गाड़ी के साथ सेंटर पर पहुंचना पड़ेगा। सेंटर के कर्मचारी केवल सिस्टम द्वारा आवंटित नंबर कंप्यूटर पर फीड करेगा।

प्रशासन को भेजा गया है पत्र

संभागीय परिवहन विभाग अधिकारी आरआर सोनी ने बताया कि जिला प्रशासन को पत्र भेजा है और दोनों सेंटर तैयार करने के लिए साढ़े तीन एकड़ जमीन निश्शुल्क उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। जमीन मिलते ही भवन ट्रैक व अन्य निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।  

Posted By: Narendra Kumar

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