मुरादाबाद, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून  के विरोध में तीसरे दिन शुक्रवार को भी  ईदगाह के मैदान में प्रदर्शन जारी है। जुमे की नमाज की वजह से अलर्ट जारी किया गया है। मुरादाबाद में ईदगाह पर तीन दिन से धरना प्रदर्शन जारी है। महिलाएं काफी संख्या में धरने पर बैठी हैं। जामा मस्जिद पर दोपहर एक बजे तक भीड़ बढऩे की उम्मीद है।

इधर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किया है। एसपी सिटी, एडीएम सिटी ने इम्पीरियल तिराहे पर फोर्स को ब्रीफ किया। सीओ, मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है। जुमे की नमाज से पहले पूरा इलाका छावनी बना दिया गया है। अफसर मोबाइल हैं। एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने बताया कि सुरक्षा के शहर भर में इंतजाम किए गए हैं। जामा मस्जिद से लेकर ईदगाह तक पुलिस फोर्स तैनात है।

पुलिस का कड़ा पहरा  

महानगर में 20 दिसंबर को नमाज के बाद जामा मस्जिद इलाके में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन हुआ था। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे थे। अब फिर से ईदगाह मैदान में धरना शुरू हो गया है। आशंका जताई जा रही थी कि शुक्रवार को एक बार फिर जुमे की नमाज के बाद बड़ा प्रदर्शन हो सकता है। इसे देखते हुए पुलिस ने अभी से चौकसी बढ़ा दी है। 

 यहां तैनात है फोर्स 

 शुक्रवार सुबह से ही जामा मस्जिद चौराहा, जीआइसी चौराहा, इंदिरा चौक, भूड़ा का चौराहा, मंडी चौक, नीम की प्याऊ, सम्भल चौराहा, हरथला, पीली कोठी, फव्वारा, रेलवे स्टेशन, दस सराय, कोहिनूर तिराहा आदि स्थानों पर फोर्स तैनात रहेगी। सुरक्षा में आरएएफ की एक कंपनी लगा दी गई है। दंगा नियंत्रण वाहन के साथ क्यूआरटी भी लगायी गई है। खुफिया विभाग भी अलर्ट है। जामा मस्जिद चौराहा और उसके आसपास के इलाके में सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है। 

 पड़ोसी जिलों से भी मिली फोर्स 

 जुमे की नमाज के बाद सीएए को लेकर प्रदर्शन की आशंका को देखते बाहर से फोर्स मंगाई गई है। एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने बताया कि एक कंपनी आरएएफ लगाई जाएगी। इसके अलावा जिला पुलिस के करीब 700 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। जिले के बाहर से भी 100 दारोगा और तीन सौ सिपाही बुलाए गए हैं। पुलिस टीम 40 से ज्यादा सीसीटीवी और दो ड्रोन कैमरों से निगरानी करेगी।

 कानून के दायरे में रहकर करें कार्य 

 नमाज के बाद जो भी ईदगाह के मैदान जाए वह कानून के दायरे में रहे।  ऐसा कुछ न करे जिससे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़े। पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग करें। देश के खिलाफ कोई नारा न लगाएं। 

-सैयद मासूम अली आजाद, शहर इमाम 

 प्रदर्शन करना कानूनी अधिकार  

सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करना हमारा कानूनी अधिकार है। लेकिन, इस दौरान देश के खिलाफ नारेबाजी नहीं होनी चाहिए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें। ऐसे लोगों से भी बचें, जो आपके आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैैं। 

-डॉक्टर एसटी हसन, सांसद

 

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