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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NRI दूल्हे की चाहत पड़ी भारी, महिला शिक्षक के साथ हो गया ऐसा सीन... उड़ गए होश

Published: Tue, 02 Sep 2025 10:44 PM (IST)

मुरादाबाद में एक शिक्षिका ऑनलाइन धोखे का शिकार हुई जहाँ उसने 94.78 लाख रुपये गवा दिए। धोखेबाज ने खुद को ...और पढ़ें

एनआरआई दूल्हे की चाहत पड़ी भारी।- सांकेत‍िक तस्‍वीर
एनआरआई दूल्हे की चाहत पड़ी भारी।- सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. ठग ने खुद को जनरल सर्जन एमबीबीएस बताकर बातों में फंसाया
  2. रुपये मिलना बंद होने पर एडिट फोटो प्रसारित करने की धमकी

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। ऑनलाइन दूल्हा ढूंढना एक महिला शिक्षक को इतना भारी पड़ गया कि उसका खाता खाली हो गया। 94.78 लाख रुपये गंवा ठगी। जब शिक्षक ने रुपये देने बंद किये तो उसे एडिट फोटो प्रसारित कर बदनाम करने की धमकी मिलने लगी। तब पता चला कि जो व्यक्ति स्वयं को अमेरिका निवासी एमबीबीएस डॉक्टर बता रहा है, असल में वह ठग है। यह जानकर शिक्षक के पैरों तले जमीन खिसक गई। साइबर थाने में प्राथमिकी लिखकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

लाजपतनगर निवासी महिला शिक्षक के अनुसार, 25 जुलाई को उसने मैट्रीमोनियल साइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। उसी दिन एक अंजान नंबर से वाट्सएप मैसेज आया। उसने खुद का परिचय अमेरिका में रहने वाले आरव सिंह के रूप में दिया। उसने कहा कि मैं भारत में पैदा हुआ हूं और मेरी शिक्षा अमेरिका में हुई है।

जनरल सर्जन एमबीबीएस हूं और 15 साल से अमेरिका के ही हास्पिटल में प्रैक्टिस कर रहा हूं। भारत आना चाहता हूं और यहीं की लड़की से शादी करके भारत में ही सेटल होना चाहता हूं। दो दिन बाद शिक्षक के पास उसने मैसेज किया कि मैंने आपके लिए अमेरिका से पार्सल भेजा है। उसके बाद उसके पास अलग-अलग नंबरों से वाट्सएप काल आई। काल करने वाले ने खुद को कस्टम दिल्ली से कस्टम अधिकारी बताया। उन्होंने शिक्षक से कहा कि आरव सिंह के नाम से आपका पार्सल आया है, जिसमें काफी गोल्ड के साथ डायमंड रिंग और अमेरिकन करेंसी है।

इसके बाद कहा कि पार्सल के लिए आपको 30 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। शिक्षक ने पार्सल आने की बात सच मान कर सामने वाले के बताए नंबर पर तीस हजार रुपये भेज दिए। बाद में उन्हीं नंबरों से कॉल करके और रुपये की मांग की जाने लगी। पैसे देने से मना किया तो काल करने वालों ने डराना शुरू कर दिया।

कहा कि अगर आप भुगतान नहीं करोगी तो मनी लांड्रिग का केस लग जाएगा। जेल भी जाना पड़ेगा। डर के कारण वह आरोपितों के बताए खातों में रकम ट्रांसफर करती रही। आरोपितों ने शिक्षक के तीन अलग-अलग बैंक खातों से 31 जुलाई से 18 अगस्त के बीच कुल 94 लाख 78 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद भी जब उनसे रुपये की मांग की गई तब साइबर ठगी का अहसास हुआ। अंत में रुपये देने से मना किया तो कथित आरव सिंह ने कहा कि यदि तुमने रुपये नहीं भेजे तो तुम्हारी फोटो एडिट करके प्रसारित कर दूंगा। इसके बाद शिक्षक ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

शिकायती पत्र के आधार पर धोखाधड़ी कर रकम हड़पने और आइटी एक्ट की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपित की तलाश की जा रही है।- सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी क्राइम