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मुरादाबाद : जीपीआरएस या फिर मुख्यालय से कॉल आने के बाद मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 102-108 एंबुलेंस प्रबंधन भले ही डीजल चोरी की बात नकारता हो, लेकिन मूंढापांडे के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डीजल चोरी की शिकायत कर चुके हैं। कुछ दिन जांच के नाम पर खानापूर्ति करके मामले को रफा-दफा कर दिया गया था। अब एटा में 102-108 सरकारी एंबुलेंस के संचालन में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद चालक अलर्ट हो गए हैं। सोमवार को सक्रिय रहे चालक सोमवार की सुबह से ही सभी केंद्रों पर चालक सक्रिय रहे। एंबुलेंस चालक बार-बार जीपीआरएस चेक करते रहे। आम दिनों के मुकाबले सोमवार को 108-102 एंबुलेंस की कॉल भी कम रहीं। जिला कोआर्डिनेटरअभिषेक त्यागी का तर्क था कि एंबुलेंस सेवा मुख्यालय से कॉल आने के बाद ही उपलब्ध कराई जाती है। सभी का जीपीआरएस भी ठीक है और रेंडम चेक भी की जा रही है। एटा में ये हुआ फर्जीवाड़ा 108-102 एंबुलेंस एक-एक दिन में दर्जनों फर्जी मरीजों को लाना दर्शाकर डीजल के पैसे वसूल रहे थे। एंबुलेंस की जीपीएस डिवाइस को निकालकर चालक बाइक पर लगाकर घूमते थे। इससे वे फर्जीवाड़ा कर रहे थे। कहां कितनी एंबुलेंस मुरादाबाद : 48

बिजनौर : 55

अमरोहा : 37

रामपुर : 38

सम्भल : 36 प्रतिदिन किलोमीटर का हो रहा खेल जिला अस्पताल की 108-102 एंबुलेंस 100 से 150 किलोमीटर, शहरी क्षेत्र मझोला, पाकबड़ा, रतनपुर कलां, कटघर, गागन, ताजपुर की 70 से 80 किलोमीटर, कांठ, छजलैट, उमरी कलां, कुंदरकी-बिलारी, मूंढापांडे, भोजपुर, डिलारी, ठाकुरद्वारा, भगतपुर की 100 से 150 किलोमीटर, मूंढापांडे 60 किलोमीटर प्रतिदिन चलाई जा रही है।

Posted By: Jagran

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