मुरादाबाद, जेएनएन। शहर केे कई इलाकों में ऐसा लग ही नहीं रहा है कि कोरोना कर्फ्यू लगा है। रोजाना की तरह इन इलाकों की सड़कों पर वाहन फर्राटे भर रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस के सिपाही टोकाटाकी करते भी हैं तो बहानेबाजी करके निकल जाते हैं। सड़कों पर वाहनों का यही हाल रहा तो कोरोना संक्रमण फिर से बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा। कोरोना की गाइड लाइन तोड़ने वालों को कोई खौफ नहीं है। सख्ती नहीं हुई तो फिर से हालत खराब हो जाएंगे।

कोरोना कर्फ्यू को सरकार बढ़ाती जा रही है। अब इसे बढ़ाकर 24 मई कर द‍िया गया है। लेकिन इस बीच सड़कों पर निकलने वालों की कमी नहीं है। सम्भल रोड पर जाहिद नगर गली नंबर एक के सामने वाहनों की भीड़ की वजह से जाम जैसा नजारा था। यही हाल डबल फाटक पुल का रहा। सम्भल चौराहे पर तो पुलिस वाले भी खड़े थे। लेकिन ऐसा लग ही नहीं रहा था कि कोरोना कर्फ्यू लगा है। लोग आम दिनों की तरफ ई-रिक्शा और निजी वाहनों ने आ जा रहे थे। छोटे बच्चे भी बिना मास्क लगाए अपने स्वजनों के साथ ई-रिक्शा में मस्ती कर रहे थे। यही हाल स्टेशन रोड का है। 

पुलिस की सख्ती से रुकेंगे वाहन

पुराने शहर के इंदिरा चौक, जामा मस्जिद चौराहा, बरवालान, चक्कर की मिलक, बंगला गांव, डिप्टी गंज, बारादरी, तहसील स्कूल, हरथला, जयंतीपुर, लाइनपार, गोविंदनगर में गली-मुहल्ले की सभी दुकानें खुली रहीं। कोतवाली क्षेत्र में एक दुकानदार को पुलिस ने पकड़ लिया। उसकी सिफा्रिश के लिए तमाम लोगों की भीड़ लगी रही। गलशहीद, ईदगाह रोड पर जाने वाले ई-रिक्शा सवारियों से भरे हुए थे। गांधी नगर के अस्पतालों में भी कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं हुआ। बुध बाजार, काजी की सराय, ताड़ीखाना, लाइनपार व मझोला में लोग कोरोना कर्फ्यू में वाहनों पर घूम रहे थे। पुलिस जब तक सख्ती नहीं करेगी। इसी तरह लोग सड़कों पर नजर आएंगे।