सामान्य कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट दिल की सुरक्षा की गारंटी नहीं... एलपीए जांच से खुलेंगे हार्ट अटैक के छिपे खतरे
सामान्य कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट के बावजूद, खून में बढ़ा हुआ लाइपो प्रोटीन (एलपीए) कम उम्र में भी हार्ट अटैक का खतरा ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
सामान्य कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट दिल की सुरक्षा की गारंटी नहीं।
एलपीए (लाइपो प्रोटीन-ए) जांच से हार्ट अटैक का खतरा पता चलता है।
एलपीए जन्मजात होता है और परिवार से मिलने वाली समस्या है।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। अगर आपकी सामान्य कोलेस्ट्रॉल जांच रिपोर्ट ठीक है, तब भी इसका मतलब यह नहीं कि दिल पूरी तरह सुरक्षित है। खून में मौजूद एक खास तरह की वसा लाइपो प्रोटीन (एलपीए) बढ़ी हो तो कम उम्र में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। खास बात यह है कि इसकी जानकारी सामान्य कोलेस्ट्राल जांच में नहीं मिलती। एलपीए (लाइपो प्रोटीन-ए) की अलग जांच से पता चल जाएगा कि हार्ट अटैक का कितना खतरा है।
रविवार को हाॅलिडे रिजेंसी में कॉर्डियोलॉजिकल आफ मुरादाबाद की कॉर्डियोलॉजी अपडेट-2026 में हृदय रोग विशेषज्ञों ने हृदय रोग के छिपे हुए खतरे पर चर्चा की।
कॉर्डियोलॉजिकल ऑफ मुरादाबाद की कॉर्डियोलॉजी अपडेट-2026 में चिकित्सकों ने दी जानकारी
एपेक्स अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन अग्रवाल ने बताया कि एलपीए को आसान भाषा में ऐसे समझा जा सकता है कि यह खून में मौजूद ऐसी चीज है, जो कई लोगों में जन्म से ही ज्यादा होती है। यह परिवार से मिलने वाली समस्या है। किसी व्यक्ति का सामान्य कोलेस्ट्राल ठीक होने के बावजूद एलपीए अधिक हो सकता है और इससे दिल की नसों में बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
जिस परिवार में किसी व्यक्ति को कम उम्र में हार्ट अटैक हुआ हो, वहां दूसरे सदस्यों में एलपीए की जांच कराना जरूरी है। एक बार जांच कराने से इसके स्तर का पता चल सकता है। नई जीन-साइलेंसिंग तकनीक से भविष्य में एलपीए को बहुत कम करने की उम्मीद है।
गाइडेड एंजियोप्लास्टी की आधुनिक तकनीक के बारे में बताया
डॉ. अपूर्व मित्तल ने गाइडेड एंजियोप्लास्टी की आधुनिक तकनीक के बारे में बताया। इसमें डॉ. अनूप सिंघल, अध्यक्ष डॉ. राजकपूर, डॉ. आलोक सिंघल ने भी हृदय रोग के खतरों के बारे में बताया। इसमें डॉ. मुकेश रायजादा, डॉ. अनुपमा बंसल, डॉ. शलभ अग्रवाल, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. शोभित शाह आदि रहे।
