यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुरादाबाद में किसान नेत्री पूनम पंडित, सपा जिलाध्यक्ष समेत 55 के खिलाफ मुकदमा, दिया था धरना
कलक्ट्रेट के सामने धरना-प्रदर्शन करने के आरोप में सिविल लाइंस पुलिस ने किसान नेत्री पूनम पंडित सपा जिलाध्यक्ष डीपी यादव ...और पढ़ें

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। कोविड गाइड लाइन का उल्लंघन करते हुए कलक्ट्रेट के सामने धरना-प्रदर्शन करने के आरोप में सिविल लाइंस पुलिस ने किसान नेत्री पूनम पंडित, सपा जिलाध्यक्ष डीपी यादव समेत समेत 55 लोगों को थाना सिविल लाइंस के उप निरीक्षक सुशील कुमार की तहरीर पर नामजद मुकदमा लिखा गया है।
आरोप है कि मझोला क्षेत्र से अपह्त किशोरी की बरामदगी को लेकर उनके परिवार के सदस्य अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। कुछ पार्टियों के पदाधिकारी के कार्यकर्ताओं द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत लाभ उठाने के उद्देश्य से धरना स्थल पर इकट्ठा होकर अनावश्यक दबाव बनाने के लिए नारेबाजी व शोर-शराबा किया। इस दौरान कोविड-19 के नियमों को दरकिनार कर दिया गया। मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह उर्फ डीपी यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, विजयवीर सिंह यादव, आशुतोष, अक्षय भटनागर, फिरासत हुसैन उर्फ गामा, सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष असलम चौधरी, बाबू, हाजी अताउरर्हमान, आदेश त्यागी, सुनीता सिंह, फरीद मलिक, सपा महानगर अध्यक्ष शाने आलम उर्फ शानू, कामिल आलम, राजेश कुमारी, अतहर हुसैन, नागभारती, रोहताश, सीपीआइएमएल के राजा कुरैशी, अधिवक्ता महावीर प्रसाद मौर्य, प्रदीप अहलवालिया, अविनाश चंद्र, मास्टर रईस, अजहरूद्दीन खान, इस्लाम अली, रूबी खान, मोनी सिंह, किसान नेत्री पूनम पंडित एवं 20-25 अज्ञात लोग उत्तेजित होकर नारेबाजी कर रहे थे। जबकि जिले में धारा 144 लागू है। एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने बताया कि कलक्ट्रेट पर कोविड गाइड लाइन का उल्लंघन करके नारेबाजी करने वालों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। विवेचना के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।