मुरादाबाद, जेएनएन। दबंग छवि के नेता विजय यादव एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। पीतलनगरी में बसपा अध्यक्ष मायावती के जन्म दिवस पर भाजपाइयों को दौडा-दौड़ाकर पीटने की धमकी देकर सुर्खियों में आए ठाकुरद्वारा से बसपा के पूर्व विधायक विजय यादव ने भाजपा विधायक साधना सिंह का सिर कलम करने पर 50 लाख का ईनाम देने की घोषणा करके नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है।

ठाकुरद्वारा में पत्रकारवार्ता कर आज उन्होंने बसपा मुखिया मायावती के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करने वाली भाजपा विधायक साधना सिंह का सिर कलम कर लाने वाले को पचास लाख का ईनाम देने की घोषणा की। लोकसभा चुनाव से पहले ही विजय यादव के लगातार विवादित बयान से राजनीतिक हलकों में खलबली मची है।

विजय यादव ने अपने आवास, चुंगी काशीपुर में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि भाजपा विधायक साधना सिंह ने बसपा अध्यक्ष के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी पर समूचे देश का अपमान किया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक 48 घंटे में बहन जी और देश की महिलाओं से माफी मांगे, वरना उनके खिलाफ खड़ा कदम उठाया जाएगा। उनका सिर कलम कर लाने वाले को पचास लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की। पत्रकारों के पूछने पर ईनाम की रकम कहां से आएगी तो कहा कि समर्थकों से चंदा कर दी जाएगी। गौरतलब है कि 15 जनवरी को यहां के अंबेडकर पार्क में मायावती के जन्मदिन कार्यक्रम में विजय यादव ने भाजपाइयों को आगामी चुनाव में जनता द्वारा दौड़ा-दौड़कर पीटने की बात कही थी। 

मायावती पर विवादित टिप्पणी के बाद बीजेपी विधायक साधना सिंह ने जताया खेद

भारतीय जनता पार्टी की विधायक साधना सिंह ने कथित तौर पर बसपा प्रमुख मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। जिसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने बसपा प्रमुख पर की गई टिप्पणी पर स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग इस संबंध में साधना सिंह को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगेगा। मुगलसराय क्षेत्र से भाजपा विधायक साधना सिंह ने चंदौली जिले के करणपुरा गांव में शनिवार को किसान कुंभ कार्यक्रम में मायावती का जिक्र करते काफी अशोभनीय टिप्पणी की थी। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि ऐसी अभद्र टिप्पणी किसी नेता को शोभा नहीं देती और निंदनीय है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया और साधना सिंह को नोटिस भेजा जाएगा।

साधना सिंह ने माफी मांगी

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती पर अमर्यादित टिप्पणी करने के बाद भाजपा की महिला विधायक साधना सिंह ने माफी मांग ली है। साधना सिंह की ओर से जारी किए गए माफीनामे में लिखा कि मेरा मकसद किसी को अपमान करने का नहीं था। मैं बस 2 जून, 1995 को गेस्ट हाउस कांड के दौरान मायावती की भाजपा नेताओं द्वारा की गई मदद को याद दिलाना चाहती थी। साधना सिंह ने कहा कि मेरी मंशा एक दम किसी को अपमानित नहीं करने की थी। अगर किसी को मेरी बातों से कष्ट पहुंचा है तो मैं खेद प्रकट करती हूं।

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