मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। BSNL power bank : बिजली गुल होने के बाद भी अब ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल का सिग्नल गायब नहीं होगा। इसके ल‍िए बीएसएनएल ने पावर बैंक की आपूर्ति शुरू कर दी है। इसके जर‍िए डीजल खर्च शून्य करने की योजना है। इसके अलावा बिना बाधा के मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध कराया जाएगा। जिले में बीएसएनएल के तीन सौ मोबाइल टावर लगे हुए हैं।

मोबाइल टावर के उपकरणों को बिजली की आपूर्ति करने के लिए बिजली के कनेक्शन ल‍िए गए हैं। बिजली जाने पर सुविधा के ल‍िए जनरेटर लगाया गया है। कोरोना संक्रमण से पहले मोबाइल टावर के जनरेटर को चलाने के लिए बीएसएनएल को प्रत्येक माह 50 लाख रुपये से अधिक का डीजल खर्च करना पड़ता था। प्रतिस्पर्धा व रेट कम होने से बीएसएनएल की आर्थिक खराब हो गई है। बीएसएनएल ने ग्रामीण क्षेत्रों में लगे मोबाइल टावर को चलाने के लिए डीजल के ल‍िए बजट देना लगभग बंद कर दिया है। इससे बिजली गुल होने से लगभग 150 मोबाइल टावर व ग्रामीण क्षेत्रों की टेलीफोन सेवा बंद हो जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल से सिग्नल गायब हो जाता हैं। इससे मोबाइल उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बीएसएनएल ने खर्च में कटौती करने व वायु प्रदूषण कम करने के लिए बड़े टेलीफोन एक्सचेंजों से जनरेटर हटाने की योजना पर काम शुरू कर द‍िया है।  मोबाइल टावर व छोटे एक्सचेजों पर जनरेटर हटाकर पावर बैंक लगाने की तैयारी है। बिजली जाने पर पावर बैंक छह घंटे तक बिजली की आपूर्ति करेगा। बीएसएनएल के आकलन के अनुसार प्रदेश में अधिकतम लगातार चार घंटे तक बिजली गुल रहती है, उसके बाद बिजली आ जाती है। बिजली आने के बाद पावर बैंक चार्ज हो जाएगा। इससे मोबाइल टावर को बाधा रहित बिजली मिलती रहेगी, उपभोक्ताओं के मोबाइल को लगातार सिग्नल मिलता रहेगा। विभाग ने पावर बैंक की आपूर्ति शुरू कर दी है। मुरादाबाद जिले को अभी तक 30 पावर बैंक मिल चुका है। उप महाप्रबंधक बीके शर्मा ने बताया कि मोबाइल टावर को बाधा रहित बिजली आपूर्ति के लिए पावर बैंक आने शुरू हो गए हैं। इसके बाद बिजली जाने पर जनरेटर चलाने की आवश्यकता नहीं होगी। 

Edited By: Narendra Kumar