श्रीशचंद्र मिश्र राजन, मुरादाबाद :  संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट को लेकर सोशल मीडिया के जरिए समाज में भ्रांति फैलाई जा रही है। इससे बचना होगा। हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग करना वाहन चालक के प्रोटोकाल का हिस्सा है। ऐसा किसी को मौका न दे, जिससे किसी को जुर्माना वसूलने का मौका मिले। कानून में संशोधन जानबूझ कर यातायात नियमों को तोडऩे से रोकने के लिए ही किया गया है। यह बातें मुरादाबाद के एसएसपी अमित पाठक ने सोमवार को अकादमिक बैठक में बतौर मुख्य अतिथि कहीं। 

नाबालिगों के हाथों में न दें वाहनों की चाबी 

दैनिक जागरण कार्यालय में 'यातायात के नए नियम कितने उपयोगीÓ विषय पर उन्होंने बताया कि ट्रैफिक नियमों के अनुपालन को लेकर समाज में कई तरह की अवधारणा व्याप्त हैं। दुखद यह है कि बाइक की चाबी नाबालिगों के हाथ में दी जाती है। उदाहरण के जरिए उन्होंने बताया कि एक अभिभावक सबसे अधिक अपने ब'चों से प्यार करता है। फिर भी नाबालिग ब'चों को बाइक थमा देते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर हर एक व्यक्ति को जागरूक होना होगा। 

यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी 

इसके पूर्व मुरादाबाद दैनिक के संपादकीय प्रभारी संजय मिश्र ने अकादमिक बैठक का विषय प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि महानगर की यातायात व्यवस्था में अमूल चूल बदलाव हुआ है। यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर आम लोगों में जागरूकता भी बढ़ी है। महाप्रबंधक अनिल अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यातायात को लेकर आम लोगों को जागरूक करने में दैनिक जागरण पहले से ही अपनी सार्थक भूमिका का निर्वाह करता रहा है। यह पहला अवसर है जब अभियान कागजों से निकलकर धरातल पर उतरा है। इसमेंएसएसपी का प्रयास सराहनीय है। 

 

सभी के प्रयास से संभव होगा सुगम व सुरक्षित यातायात 

मुरादाबाद की वर्तमान यातायात व्यवस्था को लंबे समय तक पटरी पर रखने की दीर्घ कालिक योजना से संबंधित सवाल का जवाब देते हुए एसएसपी ने कहा कि जरूरत सम्यक प्रयास की है। बीते ढाई माह में पुलिस ने महानगर की सड़कों को अतिक्रमण मुुक्त कराया। डिवाइडर के जरिए सुगम यातायात की व्यवस्था की गई है। आज परिणाम सामने है। इसके बाद भी महानगर में कई ऐसी समस्याएं हैं, जिन्हें दूर कर सदा के लिए आवागमन बेहतर बनाया जा सकता है। इसमें पुलिस के अलावा परिवहन विभाग, नगर निगम, बिजली विभाग, एनएचआई आदि की भूमिका प्रमुख होगी। सभी को संयुक्त प्रयास करना होगा। समस्या का समाधान सदा के लिए तभी संभव है। 

बदलनी होगी सोच 

यातायात नियमों का सौ फीसद अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी ने सामाजिक सोच में बदलाव को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने का कि सिर्फ पुलिस पर आरोपों की अंगुली उठाकर समस्या से पार नहीं पा सकते। अपनी जान सुरक्षित रखना हमारी ही जिम्मेदारी है। इसे स्वीकार करना होगा। 

रोड इंजीनियरिंग में करना होगा बदलाव 

दुर्घटनाएं रोकने में रोड इंजीनियरिंग की भूमिका को भी एसएसपी ने महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वह इंजीनियरिंग किस काम की, जो दुर्घटनाएं रोकने में विफल हो। दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि तब तक रोकी नहीं जा सकती, जब तक कि एनएचआइ जैसी संस्थाएं अपनी भूमिका का सही निर्वाह नहीं करतीं। 

बच्चों को बताया जाएगा संकेतक का मतलब 

एसएसपी ने माना कि अधिकांश स्कूली ब'चों में यातायात संकेतक की समुचित जानकारी नहीं होती। उन्होंने कहा कि भविष्य में पुलिस यह प्रयास करेगी कि स्कूल प्रशासन के माध्यम से ब'चों को यातायात नियम व संकेतों की जानकारी दी जाए। 

ट्राली का पंजीकरण जरूरी 

एसएसपी ने कहा कि आंकड़ों पर गौर करें तो अनियंत्रित रूप से सड़क पर दौडऩे वाले ट्रैक्टर- ट्राली दुर्घटना के बड़े कारण हैं। मुरादाबाद में ट्राली तक का रजिस्ट्रेशन नहीं होता। उन्होंने बताया कि ट्राली का पंजीकरण नंबर दस अंक का होता है। इसमें ट्राली क्रय करने का माह, वर्ष व जिले की संख्या के बाद चार अंकों का पंजीकरण नंबर दर्ज किया जाता है। हर ट्राली मालिक को अपने वाहन का पंजीकरण कराना जरूरी है। 

 

Posted By: Narendra Kumar

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