मुरादाबाद, जेएनएन। ब्लैक फंगस के रोगियों के मिलने से चिंता बढ़ने लगी है। मुरादाबाद में ब्लैक फंगस के तीन रोगी जिले में मिले हैं। इनमें एक रोगी को मेरठ मेडिकल कालेज भेजा गया है। जबकि, एक रोगी रेलवे अस्पताल और प्राइवेट अस्पताल में भर्ती है।

कोरोना संक्रमित रेलवे के एक कर्मचारी ने मंडल रेल प्रशासन को सूचना दी कि प्राइवेट डाक्टर से जांच कराई है। जांच में ब्लैक फंगस होना बताया है। इस सूचना के बाद रेल प्रशासन ने तत्काल रोगी को रेलवे अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराने का आदेश दिया है। रेल कर्मचारी को इलाज करने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. एके बजाज ने बताया कि रोगी की आंख ठीक है, एमआरआइ में नाक बंद होना पाया है, इसलिए रोगी को नाक कान रोग विशेषज्ञ के पास भेजा है। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि रोगी की स्थिति क्या है। सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने बताया कि रेलवे कर्मचारी ने सूचना दी है कि उसे ब्लैक फंगस हुआ है। दूसरी ओर जिला अस्पताल परिसर में बने कोविड अस्पताल एल टू में भर्ती कोरोना संक्रमित ब्लैक फंगस से पीड़ित पाया गया है। लाइनपार का रहने वाला व्यक्ति 20 दिन पहले कोरोना संक्रमित था, वह पूरी तरह से ठीक हो गया था। एक दिन पहले उसके चेहरे पर सूजन आना शुरू हो गई। उसे फिर से एल टू अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया गया। जांच की सुविधा नहीं होने के कारण मेरठ मेडिकल कालेज भेज दिया है। एल टू अस्पताल के प्रभारी डा. संजीव बेलवाल ने बताया कि रोगी को ब्लैक फंगस की पुष्टि व इलाज कराने के लिए मेरठ मेडिकल कालेज रेफर कर दिया है। वहीं कांठ में एक युवक को ब्लैक फंगस के लक्षण मिलने पर कॉसमास अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में वहां से स्वजन ऋषिकेश ले गए। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एमसी गर्ग ने बताया कि एक ब्लैक फंगस के संदिग्ध रोगी मिलने की जानकारी है। रेलवे अस्पताल प्रशासन व प्राइवेट अस्पताल प्रशासन ने अभी तक ब्लैक फंगस के रोगी मिलने की जानकारी नहीं दी है।