रामपुर, जेएनएन। धोखाधड़ी के मुकदमे में मुनादी कराने के बाद भी सांसद आजम खां कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। अदालत अब 11 फरवरी को सुनवाई करेगी। धोखाधड़ी का यह मुकदमा सांसद के बेटे अब्दुल्ला आजम के फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र से संबंधित है। भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने पिछले साल जनवरी माह में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि सांसद और उनकी पत्नी ने बेटे के दो-दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाए हैं। जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए सांसद और उनकी पत्नी ने शपथ पत्र देकर गलत तथ्य पेश किए हैं। पुलिस ने इस मुकदमे में सांसद, उनकी पत्नी विधायक तजीन फात्मा और बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले की जांच पड़ताल करने के बाद पुलिस ने अप्रैल 2019 में तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसके बाद से ही अदालत में मुकदमा विचाराधीन है। इस मुकदमे में तीनों न तो कोर्ट में हाजिर हुए और न ही जमानत कराई। इस पर अदालत ने तीनों के खिलाफ कुर्की की प्रक्रिया शुरू करते हुए धारा 82 के नोटिस जारी किए थे। नौ जनवरी को पुलिस ने सांसद के घर के आसपास मुनादी भी कराई थी। शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राम औतार सिंह सैनी ने बताया कि तीनों आरोपितों में कोई भी कोर्ट नहीं पहुंचा। अदालत ने पिछली सुनवाई पर कुर्की से पहले धारा 82 के नोटिस जारी किए थे। यह नोटिस पुलिस ने नौ जनवरी काे तामील करा दिए थे। इस नोटिस के बाद आरोपितों के पास एक माह का समय होता है। यदि उस दौरान वह कोर्ट में हाजिर नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने आरोपितों को हाजिर होने के लिए 11 फरवरी तक का समय दिया है।

अदालत ने गंज पुलिस से मांगी रिपोर्ट

- धोखाधड़ी के मुकदमे में वादी भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने अदालत में प्रार्थना-पत्र देकर शिकायत की थी कि कुर्की की कार्रवाई को देखते हुए सांसद अपने घर का सामान हटा रहे हैं। भाजपा नेता ने बताया कि अदालत ने उनकी शिकायत पर गंज कोतवाली पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।

Posted By: Narendra Kumar

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