सम्भल। होली का पर्व करीब आ रहा है। ऐसे में एक बार फिर कच्ची और अन्य राज्यों की शराब की बिक्री का खेल भी अब शुरू हो जाएगा। आबकारी विभाग के सामने अब गंभीर श्चुनौती खड़ी हो गई है। विभाग को कच्ची शराब बनाने वालों को तो पकडऩा ही है। साथ ही अन्य राज्यों की सप्लाई होने वाली शराब को भी रोकना है। जिले के 13 ऐसे गांवों को चिन्हित किया गया है। जिनमें कच्ची शराब बनाने का काम सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में विभाग इन गांवों पर नजर बनाए हुए हैं।

विभाग नहीं चेता तो फ‍िर होंगी मौतें 

सम्भल जिले में समय-समय पर लोगों की शराब पीने से मौत होती रहती है। सात दिन पहले गुन्नौर क्षेत्र में दो लोगों की शराब पीने से हुई मौत के बाद एक बार फिर विभाग ने छापेमारी करनी शुरू कर दी है। बुधवार को कच्ची शराब पकड़ी तो गुरुवार को बाहरी राज्य की 144 शराब की बोतल पकड़ ली, लेकिन जिले में कच्ची व बाहरी राज्यों की शराब रोकने की चुनौती आसान नहीं है। क्योंकि अब होली का पर्व करीब आ गया है। ऐसे में कच्ची व बाहरी राज्यों की शराब का खेल जोरों से शुरू हो जाएगा। अगर अब आबकारी विभाग की टीम ने लापरवाही दिखाई तो फिर कोई भी हादसा हो सकता है। आबकारी इंस्पेक्टर पवन शर्मा ने बताया कि हम लोग सतर्कता के साथ लगे हुए है। कही भी कच्ची शराब नहीं बनने दी जाएगी।

जिले के 13 गांवों को विभाग ने किया चिह्नित

आबकारी विभाग ने ऐसे 13 गांव चिह्नित किए है। जिनमें सबसे अधिक कच्ची शराब बनाने का काम किया जाता है। आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर पवन शर्मा ने बताया कि सम्भल के मन्नीखेड़ा, सुनवारी, खूनपुर, कमलपुर, दौलतपुरी, चन्दौसी के सैदपुर, शमसोई, बहादुरनगर, गुन्नौर के उधरनपुर, सिखौला की मढ़ैया, दबधरा, धाहरसूलपुर, खजरा इनायतगंज में सबसे अधिक कच्ची शराब बनाने का काम किया जाता है।

पिछले साल 242 लोगों को कच्ची शराब के साथ पकड़ा गया

सम्भल: अप्रैल वर्ष 2019 से लेकर जनवरी 2020 तक आबकारी विभाग ने भागदौड़ कर जिले से 242 लोगों को कच्ची शराब के साथ पकड़ा है। जबकि दो हजार 81 हजार लीटर कच्ची शराब बरामद की है। जबकि इससे पहले साल में आबकारी विभाग ने 142 लोगों को कच्ची शराब के साथ पकड़ा था।

Posted By: Narendra Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस