मुरादाबाद : अहोई अष्टमी सोमवार को है। अष्टमी सोमवार को सुबह 6:44 बजे से लग रही है। इस दिन माताएं अहोई अष्टमी का व्रत माताएं रखेंगी। शाम को 6:10 बजे तारों का उदय होगा। इससे पूर्व अहोई माता की पूजा का मुहूर्त शाम 5:45 से 7:05 बजे तक है। तारों को अघ्र्य देकर ही माताओं का व्रत पारण होगा।

संतान की खुशहाली के लिए व्रत 

अहोई अष्टमी पर व्रत माताएं अपनी संतान की दीर्घ आयु और उनकी समृद्धि के लिए निर्जल व्रत रखती हैं। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आने वाले इस व्रत को अहोई अष्टमी और अहोई के नाम से जाना जाता है। यह व्रत नि:संतान महिलाएं भी संतान प्राप्ति की कामना से रखती हैं। यह व्रत भी करवा चौथ की तरह ही निर्जल रहकर किया जाता है। लेकिन इस दिन महिलाएं चांद की जगह तारों को अघ्र्य देती हैं। अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा करने से पहले भगवान गणेश की पूजा अवश्य करें। क्योंकि भगवान गणेश की पूजा के बिना कोई भी पूजा पूर्ण नही होता।

ऐसे करें पूजन

अहोई अष्टमी के दिन व्रत कथा सुनते समय सात प्रकार का अनाज अपने हाथों में रखें और पूजा के बाद इस अनाज को किसी गाय को खिला दें।

-पूजा समय: 21 अक्तूबर 2019 को शाम 5:45 बजे से 07:02 बजे तक। 

-तारों के उदय का समय शाम 06:10 बजे। 

चंद्रोदय 21 अक्तूबर 2019 को रात्रि 11:46 बजे। 

-अष्टमी तिथि प्रारम्भ- 21 अक्तूबर 2019 को प्रात: 6:44 बजे।

अष्टमी तिथि समाप्त 22 अक्तूबर को प्रात: 5:25 बजे। 

दीपावली के हिसाब से रविवार को अहोई अष्टमी होनी चाहिए थी लेकिन इस दिन पूरे दिन सप्तमी है। अष्टमी 21 अक्टूबर की सुबह 6:10 बजे से लग रही है। सोमवार को ही माताएं अहोई अष्टमी का व्रत रखेंगी। इसलिए भ्रम की स्थिति में न रहें। -पंडित हरिदत्त शास्त्री, मनोकामना मंदिर, रेलवे कालोनी

अहोई अष्टमी पर तारों का उदय होने पर माताएं अघ्र्य देंगी। सोमवार की शाम 6.10 बजे तारों का उदय होगा। करवा चौथ की तरह ही अष्टमी पर भी माताएं निर्जल व्रत रखेंगी। -ज्योतिष उमा शंकर शास्त्री, दीनदयाल नगर  

अहोई अष्टमी पर क्या करें 

अहोई अष्टमी के दिन पूजा में प्रयोग किया जाने वाला करवा नया नहीं होना चाहिए। बल्कि आपको इस दिन करवा चौथ वाले करवे का ही पूजा में प्रयोग करना चाहिए। अहोई अष्टमी के दिन कैंची या सुईं का प्रयोग बिल्कुल भी न करें। मिट्टी न खोदे अहोई अष्टमी के दिन घर में पका हुआ भोजन ही बनाना चाहिए। इस दिन घर में कच्चा भोजन बनान वर्जित है। -ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र शर्मा, श्रीहरि ज्योतिष संस्थान

Posted By: Narendra Kumar

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