सम्भल, जेएनएन : जिला अस्पताल की व्यवस्था भगवान भरोसे है। यहां मरीजों की जान से खिलवाड़ आम है। एक प्रसूता को प्रसव के कुछ ही घंटे बाद जाने को कह दिया गया। ऐसे में पति परेशान हो गया। उसने आरोप लगाया कि एक हजार मांगे गए और कह दिया जाओ। जब एंबुलेंस वाले को बुुलाया तो उसने कह दिया पांच सौ रुपये चाहिए।

प्रसव के कुछ देर बाद घर जाने को बोल दिया गया

बहजोई थानाक्षेत्र के नाधौस निवासी प्रदीप वाल्मीकि की पत्नी रजनी को प्रसव पीड़ा हुई तो बहजोई से जिला अस्पताल सम्भल लाया गया। यहां उन्हें प्रसव के कुछ देर बाद जमीन पर लिटा दिया और घर जाने को बोल दिया गया। इस पर प्रदीप ने नाराजगी जताई। प्रदीप ने बताया कि उससे एक हजार रुपये लेकर घर जाने को बोल दिया गया। कोई भी पर्ची नहीं दी गई।

एंबुलेंस वाले ने भी 500 रुपये की मांग की

एंबुलेंस वाले को बोला तो उसने भी 500 रुपये मांगे। ऐसे में लग ही नहीं रहा जिला अस्पताल में इलाज हो रहा है। वहां मौजूद कई लोगों ने प्रदीप की वीडियो भी बनाई और सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। ताकि अस्पताल की व्यवस्था से सरकार भी रूबरू हो और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।

डिस्पैच की पर्ची उपलब्ध कराएं, तभी कुछ जानकारी मिल पाएगी

सीएमओ डॉ. अमिता से इस संबंध में जब पूछा गया तो उन्होंने कहा इसकी जानकारी नहीं है। आप डिस्पैच की पर्ची उपलब्ध कराएं कार्रवाई होगी। अब सवाल है कि जब मरीज को मौखिक ही भेजा गया तो डिस्पैच पर्ची कहां है। सीएमओ ने कहा इस मामले में वह सीएमएस से बात करेंगी। नियम 48 घंटे से पहले डिस्चार्ज करने का नहीं है। यदि प्रसूता या उसके परिजन चाहे तभी डिस्चार्ज किया जा सकता है। प्रसूता को दूध सहित अन्य चीजें देने का प्रावधान है। यह सब दिया गया कि नहीं यह भी देखा जाएगा। 

Posted By: Narendra Kumar

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